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भोपाल.
राजधानी में ठंड के तेवर और तीखे हो गए हैं। बुधवार इस मौसम का सबसे सर्द दिन रहा। न्यूनतम तापमान लुढ़ककर सात डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला अब से पहले सबसे कम तापमान सोमवार को सात डिग्री सेल्सियस सोमवार को दर्ज किया गया था। बुधवार को दिन भर तीखी सर्द हवा लोगों को चुभती रही। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी ठंड के कम होने के आसार नहीं हैं।
जनजीवन पर भी व्यापक असर
मौसम के तीखे तेवरों का जनजीवन पर भी व्यापक असर नजर आने लगा है। पिछले दिनों से पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने शहर की चाल को भी 'ठंडा' कर दिया है। रात में ट्रैफिक की चकाचौंध से रोशन रहने वाली सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। सुबह भी लोगों की दिनचर्या देर से शुरू होने लगी है। मौसम के मिजाज को देखते हुए लोग रात में निकलने से परहेज कर रहे हैं। कई व्यवसायी दुकानें देर से खोलने लगे हैं।
और लुढ़केगा पारा
शहर में बुधवार को न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से तीन डिग्री कम था। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन हवा चलने से ठंड महसूस होती रही। अधिकतम तापमान 19.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से छह डिग्री कम था। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक गुरुवार को रात के तापमान में और कमी आ सकती है।
सामान्य से कम तापमान
भोपाल में लिंक रोड नंबर वन में अरेरा क्लब का क्षेत्र, बरखेड़ा पठानी, कोलार रोड पर नहर से लेकर सर्वधर्म पुल तक का क्षेत्र, लिंक रोड नंबर तीन पर पत्रकार कॉलोनी से कोलार कॉलोनी के बीच का क्षेत्र, आईआईएफएम के आसपास का क्षेत्र ऐसे इलाके हैं, जहां हमेशा तापमान शहर के तापमान से एक-दो डिग्री कम रहता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका मुख्य कारण क्षेत्र के आसपास जलग्रहण क्षेत्र, हरियाली अधिक होना, ट्रैफिक कम होना और जनसंख्या घनत्व कम होना होता है।