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करार से पहले हो गई लाइटों की सप्लाई

अजमेर.lights मुख्यमंत्री की अजमेर यात्रा से सौंदर्यन व विकास के कार्य पूरे करने की जल्दबाजी नगर परिषद को भी है, लिहाजा मुख्य सड़कों पर ट्यूब लाइटें पहले लगीं और कंपनी से करार बाद में हुआ। हालांकि चार स्थानों पर कंपनी ने पैनल बुधवार को अनुबंध होने के बाद लगाए। 26 जनवरी के प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन ने दिल्ली की एशियन इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड कंपनी से अनुबंध किए बिना ही शहर की मुख्य सड़कों पर लगी सोडियम और स्ट्रीट लाइटें हटाकर एक हजार से अधिक टी 5 बेस ट्यूब लगा लीं।

मुख्य सड़कों में जयपुर रोड, कलेक्ट्रेट, स्टेशन रोड, पलटन बाजार सहित अन्य सड़कें शामिल हैं। कंपनी ने परिषद के वर्क ऑर्डर के अनुसार लाइटें तो लगा दीं, लेकिन अनुबंध नहीं होने की वजह से पैनल नहीं लगाए। मालूम हो कि पैनल लगने के बाद ही लाइट बंद होने व शुरू होने के साथ-साथ खराब होने पर परिषद अफसरों को मोबाइल पर सूचना मिल जाएगी। परिषद ने बुधवार को कंपनी के अनुबंध को अंतिम रूप दिया। उसके बाद कंपनी ने पैनल लगाए।

गरौतलब है कि लाइटें लगाने का मामला काफी समय से चल रहा है। परिषद चाहती तो पहले ही अनुबंध हो जाता, लेकिन अफसरों ने समय रहते प्रक्रिया नहीं अपनाई, इस वजह से अनुबंध नहीं हो पाया। मालूम हो कि परिषद कंपनी से 15 हजार नई ट्यूब लाइटें लगाएगा।

बिल की राशि देनी होगी

परिषद और कंपनी के बीच हुए अनुबंध के आधार पर परिषद को टी पांच बेस आधार से पहले स्ट्रीट लाइटों का जो बिजली का बिल आता था। उस बिल की 94 प्रतिशत राशि कंपनी को देनी पड़ेगी। कंपनी का माना है कि पूर्व के मुकाबले करीब 56 प्रतिशत बिजली की खपत कम होगी।

लाइटें लगाने के लिए परिषद ने पहले वर्क आर्डर दे दिया था, लेकिन अनुबंध आज हुआ है। बुधवार को चार स्थानों पर पैनल लगाए गए हैे।
-शत्रुघ्न मिश्रा, प्रोडेक्ट मैनेजर, एशियन इलेक्ट्रोनिक कंपनी

परिषद में पहले भी अनुबंध के आधार पर कार्य कराए गए है। जनहित को ध्यान में रखकर लाइटें लगाई गई है। इससे परिषद को लाभ मिलेगा।
-अंबरीश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, परिषद





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