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कोटा. मेडिकल कॉलेज कोटा के नवनिर्मित अस्पताल में एक साथ सभी विभाग नहीं खुल सकेंगे। इससे आधा अस्पताल एमबीएस में तथा आधा आरकेपुरम स्थित मेडिकल कॉलेज में चलेगा। इससे संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को परेशानी उठानी पड़ेगी।कोटा मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्मित एक हजार बेड के अस्पताल के निर्माण के प्रथम चरण में फिलहाल 460 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है।
इस नवनिर्मित अस्पताल में एक साथ एमबीएस अस्पताल में खुले सभी विभाग स्थानांतरित नहीं किए जा सकेंगे। सभी विभागों को एक साथ स्थानांतरित करने के लिए अस्पताल के एक ब्लॉक का निर्माण और कराना होगा, जिस पर करोड़ों रुपए खर्च होंगे। ऐसी स्थिति में आधा अस्पताल नयापुरा स्थित एमबीएस अस्पताल में तथा आधा अस्पताल आरकेपुरम के नवनिर्मित परिसर में होगा।
बजट की जरूरत होगी
नए अस्पताल को चालू करने के लिए अतिरिक्त नर्सिग स्टाफ, उपकरण, सिक्यूरिटी गार्ड, फर्नीचर व बेड के लिए बजट की जरूरत होगी।
विभागों की सूची भेजी
मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में किन विभागों को स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय नहीं हो सका है। सरकार को संभावित विभागों की सूची भेजी जा चुकी है।
—डा. जी.एल.वर्मा,मेडिकल कॉलेज प्राचार्य
ये सुविधाएं होगी नए अस्पताल में
मेडिकल कॉलेज परिसर में नवनिर्मित 460 बेड के नए अस्पताल में 26 वार्ड बनाए गए हैं। इन वार्डो में 25 में 450 बेड की सुविधा विकसित की गई है तथा 10 बेड का आईसीयू वार्ड बनाया गया है। चिकित्सालय में 20 ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। जिनमें 4 माईनर ऑपरेशन थियेटर हैं। इस दुमंजिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक, एक्सरे रूम, मरीज सहायता केन्द्र, आब्जर्वेशन वार्ड, फैकल्टी रूम, आउटडोर ब्लाक, पैथोलॉजी लैब, अधीक्षक कक्ष, कार्यालय कक्ष होंगे।