|
News
Metros
Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ सेंट जोसफ-44 के पांच बच्चे छुट्टी के बाद चले तो घर को थे, लेकिन उन्हें जाना पड़ा जीएमएसएच-16। यह बच्चे जिस रिक्शे पर घर लौट रहे थे, वह साइकिल रिक्शा ट्रैक पर नहीं था और इसी चक्कर में एक कार ने उसे टक्कर दे मारी। रिक्शा बिखर गया और बच्चों को चोट आई।
बुधवार दोपहर 2.30 बजे क्लास-3 का गौरव, क्लास-4 के जपनीत और सिमरन, क्लास-7 की परनीत और क्लास-9 की तरनजोत रिक्शे से लौट रहे थे। से-43/44 की डिवाइडिंग पर एक कार (सीएच-03-के-2481) ने पीछे से टक्कर मार दी।
रिक्शा पलटकर सड़क पर बिखर गया। बच्चे घायल हो गए। कार विमल कुमार गुप्ता चला रहे थे। पीसीआर रिक्शे में मौजूद पांचों बच्चों को जीएमएसएच-16 ले गई। जैसे ही इस हादसे की जानकारी पेरेंट्स को मिली तो वे घटनास्थल पहुंचे, पर तब तक बच्चे अस्पताल जा चुके थे, इसलिए पेरेंट्स को वहां जाना पड़ा। पेरेंट्स के पहुंचते ही बच्चे उनसे लिपटकर रोने लगे। बच्चों को मामूली चोट आई है।
देर शाम पुलिस स्टेशन में बच्चों के पेरेंट्स और कार चालक में समझौता हो गया। पुलिस के अनुसार पेरेंट्स ने अपनी स्टेटमेंट में कहा है कि बच्चों को कोई गभीर चोट ना लगने के कारण वो इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते।
गलत ट्रैक में था रिक्शा पुलिस के अनुसार स्कूल से इन बच्चों को लेकर आ रहा रिक्शा अपनी ट्रैक में नहीं चल रहा था। इसी वजह से यह हादसा हुआ। पांचों बच्चे हर रोज इसी रिक्शे से स्कूल आते-जाते थे।
डाइवर्शन पर कोई नहीं
इस सड़क की शुरुआत में चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से ट्रैफिक कंट्रोल करने और साइकल रिक्शा डाइवर्शन पर नजर रखने के लिए कोई जवान तैनात नहीं था। गौरतलब है कि चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने कुछ महीने पहले ही 50 एक्स-सर्विसमेन की भर्ती की थी, जिन्हें होम गार्डन्स कि जगह रोड डाइवर्शन पर तैनात किया जाना था।