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हक मिलेगा फ्लैट का

जयपुर. शहरी इलाकों में अपार्टमेंट खरीदने वालों को अब कानूनी तौर पर मालिकाना हक के साथ-साथ सुरक्षा भी मिलेगी। राज्य मंत्रिमंडल की गुरुवार को अजमेर में हुई बैठक में राजस्थान अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट को मंजूरी दे दी गई। इस एक्ट को अमल में लाने के लिए सरकार विधानसभा के आगामी सत्र में विधेयक लेकर आएगी।

केबिनेट की बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि अपार्टमेंट एक्ट के बाद खरीददारों को कानूनी तौर पर फ्लैट का मालिकाना हक मिलेगा। उन्हें फ्लैट की वसीयत करने और बेचने की छूट होगी। कॉमन और फैसेलिटी एरिया पर उनका आनुपातिक अधिकार होगा।अपार्टमेंट का बीमा कराए जाने से वे किसी भी तरह के नुकसान से बच सकेंगे।

यह कानून लागू होने के बाद किए गए आवंटन पर तीन माह और पहले के आवंटन की एक साल में डीड ऑफ अपार्टमेंट करानी होगी। लीज होल्ड प्रॉपर्टी पर बने अपार्टमेंट को सब लीज करने का अधिकार होगा। अपार्टमेन्ट का इंश्योरेन्स अनिवार्य किया जाएगा। जयपुर सहित राज्य के अन्य बड़े शहरों में यह कायदे उन्हीं अपार्टमेन्ट पर लागू होंगे, जिनमें न्यूनतम चार या पांच फ्लैट होंगे।

एमडीएस विश्वविद्यालय में गुरुवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राजस्थान ग्रामीण चिकित्सा सेवा के गठन को मंजूर दी है। विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत अस्थायी व्याख्याताओं के पदों को नियमित करने और गांवों में डाक्टरों, नर्सो, रेडियोग्राफरों सहित विभिन्न पदों को भरने के लिए भी केबिनेट की हरी झंडी मिल गई है।

केबिनेट के खास फैसले और उनका असर:

शहीदों के आश्रितों एवं विकलांग सैनिकों को नौकरी के ज्यादा अवसर

असर क्या होगा : एक जनवरी, 1971 से लेकर 31 मार्च, 1999 की अवधि में युद्ध अथवा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों और विकलांग हुए पूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरी में जाने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। सरकार ने 1 से 11 तक के पदों पर नौकरी देने का फैसला किया है।

आयु सीमा 45 साल में भी छूट देने से राज्य के पूर्व सैनिकों को ज्यादा लाभ मिलेगा। अभी तक यह नियम एक अक्टूबर, 2002 के बाद के शहीद-परिवार और स्थायी विकलांग सैनिकों पर ही लागू था।

स्टाम्प एक्ट में संशोधन। अपील के लिए अब 25 फीसदी राशि ही जमा करानी होगी।

असर क्या होगा : संपत्ति खरीद-बेचान के मामले में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की मनमानी से निजात मिल सकेगी। संपत्ति का अधिक मूल्यांकन कर ज्यादा स्टाम्प ड्यूटी चुकाने से राहत मिलेगी। कलेक्टर (मुद्रांक) के फैसले के खिलाफ हाइकोर्ट अथवा कर बोर्ड में अपील करने के लिए अब तक 50 फीसदी राशि जमा करानी होती थी। इस वजह से काफी लोग अपील में नहीं जा पाते थे। अब 25 फीसदी राशि जमा कराने पर ही अपील का अधिकार मिलेगा।

भूदान आंदोलन में मिली जमीन पर आवंटी भूमिहीनों को खातेदारी अधिकार

असर क्या होगा : भूदानी गांवों में खेती कर रहे काश्तकारों को बरसों बाद मालिकाना हक मिलेगा। कानूनी बाधा के कारण उन्हें खेती करने का अधिकार तो था, लेकिन खातेदारी अधिकार नहीं होने से उन्हें जमीन बेचने का अधिकार नहीं था।

राजस्थान भूदान अधिनियम की धारा 24 व 25 में संशोधन कर भूदान आंदोलन में मिली जमीन के आवंटी भूमिहीनों को खातेदारी अधिकार मिलेंगे। भूदान में राज्य में 2 लाख 87 हजार 300 एकड़ जमीन मिली थी। जिसमें से एक लाख 15 हजार 467 एकड़ जमीन 20 हजार 784 भूमिहीनों को आवंटित की गई थी।





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