जयपुर/अलवर. सोचिए! किसी मां ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया हो और उसे मृत बच्च थमा दिया जाए। शोकपूर्ण माहौल में बच्चे को दफनाने की तैयारी की जा रही हो तभी सूचना मिले कि उनका बच्च तो जिंदा है तो उस मां और परिवार की खुशियों की सीमा कोई नाप सकता है क्या? अलवर जिले के खेड़ली के निकट गालाखेड़ा गांव की रजनी शर्मा पर बुधवार की रात ऐसा ही पहाड़ टूटा था लेकिन गुरुवार का सूरज उसकी आंखों के आंसू पोंछने भी आ गया।
खेड़ली के जीवनदान अस्पताल में रजनी ने 21 जनवरी को बेटे को जन्म दिया तो परिवार में खुशियां छा गई थी। बच्चे की श्वास नली में कुछ दिक्कत थी तो वहां के डॉक्टरों ने उसे जयपुर रैफर कर दिया। उसे 22 जनवरी को यहां जेकेलोन अस्पताल में लाकर भर्ती करवा दिया गया। उसका आपरेशन होने के बाद नर्सरी में रखा गया था। इधर बीकानेर से आई रजनी जोशी का बच्च भी यहां भर्ती था।
बीकानेर में 22 जनवरी को जन्मे इस बच्चे की आंतें बाहर आई हुई थी। इस पर उसे यहां लाकर 23 जनवरी को भर्ती कराया गया। उसे भी जेकेलोन की नर्सरी में रखा गया था। बुधवार शाम उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल स्टाफ ने रजनी के जेठ सुरेंद्र शर्मा को बुलाकर बच्चे के बचने की नाउम्मीद के साथ सौंप दिया।
अस्पताल स्टाफ ने सुरेंद्र शर्मा से बच्चे के टिकट पर यह लिखवा लिया कि वे स्वेच्छा से बच्चे को घर लेकर जा रहे हैं। वे बुधवार शाम को ही बच्चे को लेकर गांव चले गए। बताते हैं रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। उधर, बीकानेर की रजनी व उसके परिजन बुधवार शाम से बच्चे के हाल जानने के बेताब थे। अस्पताल स्टाफ ने यह कहकर टरका दिया कि आपका बच्च नर्सरी में सो रहा है।
सुबह फिर घर वालों ने बच्चे को देखने की गुहार की तो वहां ड्यूटी पर आई नर्स ने बच्चे के बारे में स्टाफ से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह बच्च अलवर वाली रजनी को दे दिया। इस पर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। हाथो-हाथ खेरली अस्पताल में सूचना दी गई। वहां की डॉक्टर को जब यह पता चला कि गलत बच्चा सौंप दिया गया है तो उसने रजनी शर्मा घर पर सूचना दी।
वहां शोक संतप्त परिजनों को पता चला कि मृत बच्च उनका नहीं है बल्कि वह तो जयपुर में जिंदा है तो खुशियों को ठिकाना नहीं रहा। मृत बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे रजनी शर्मा के परिजनों ने जेकेलोन अस्पताल के स्टाफ को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
बाद में स्टाफ ने गलती सुधारते हुए उस मां को असली स्वस्थ बच्च दिया और मृत बच्च असली मां रजनी जोशी के पति श्रीबल्लभ जोशी को सुपुर्द किया। रजनी शर्मा के बच्चे का ऑपरेशन होने के बाद अब वह पूर्णतया स्वस्थ है।
इनका कहना है:- स्वस्थ बच्चे की जगह मृत बच्च दिए जाने की गलती किस तरह हुई है, इसका पता लगाया जाएगा। गलती करने वाले स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में दुबारा से ऐसी गलती न हों। इसके लिए जांच कमेटी भी बनाई गई है।
-डॉ.डी.डी.सिन्हा, अधीक्षक जेके, लोन अस्पताल