जयपुर.
शैंपू व डिटर्जेंट के उपयोग से बाल जटा बन सकते हैं। ऐसा एक मामला बुधवार को सवाई मानसिंह अस्पताल के चर्म रोग विभाग में आया। इसमें एक महिला के बाल शैंपू के साइड इफेक्ट के कारण ठोस गुच्छे में बदल गए थे। चर्म रोग विभागाध्यक्ष डा. दिनेश माथुर के मुताबिक यह प्लाइका न्यूरोपेथिका बीमारी है।
बालों में धनायन व ऋणायन चार्ज की गड़बड़ी से ऐसा हो जाता है। सिर पर दो अलग-अलग तरह के आवेश होने पर बाल जटा का रूप ले लेते हैं। एक समान आवेश होने पर ऐसा नहीं होता। इससे बचने के लिए शैंपू का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए तथा साथ में कंडीशनर का उपयोग करना चाहिए। हालांकि इस तरह के मामले बहुत कम आते हैं।
डॉ. माथुर ने बताया कि सर्दी के दिनों में लोगों को धूप का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए। इससे शरीर के खुले हिस्से, चेहरे, गर्दन एवं हाथ की त्वचा सूखी, काली हो जाती है। उस पर चकते से बन जाते हैं, जिसे एक्जिमा कहते हैं। इससे बचने के लिए धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग करने के साथ शरीर को ढंककर रखकर रखना चाहिए।