बीकानेर
इंदिरा गांधी नहर परियोजना के दूसरे चरण के साथ पानी के बंटवारे में अभी भी खुला भेदभाव हो रहा है। नहरबंदी टलने के बाद से अब तक प्रतिदिन 1100 क्यूसेक पानी यहां कम दिया जा रहा है। प्रति दिन पानी की गेज की रिपोर्ट नहर बोर्ड के चेयरमैन, सिंचाई विभाग के प्रमुख शासन से लेकर कई अधिकारियों तक जाता है लेकिन कोई अधिकारी यह पूछने की जहमत नहीं उठा रहा कि सैकंड स्टेज के हिस्से का पानी कहां जा रहा है।
यहां का किसान फसलें सूखती देख रहा है। पानी की बूंद- बूंद के लिए तरस रहा है। पाला पड़ने के कारण फसलों में सिंचाई की अधिक आवश्यकता है लेकिन पानी के अभाव में किसानों की कई बारियां पिटती जा रही हैं। दबाव में कंवरसेन लिफ्ट में गुरुवार को 100 क्यूसेक से 500 क्यूसेक कर दिया लेकिन सैकंड स्टेज के हिस्से को फिर भी पूरा पानी नहीं मिल रहा है।
खासकर तब आईजीएनपी फीडर पर पूरा पानी मिल रहा है। गुरुवार को फीडर पर 7420 क्यूसेक पानी दिया गया लेकिन 620 आरडी पर यह पानी सिर्फ 2000 क्यूसेक ही दिया गया जबकि यहां का हिस्सा 3140 क्यूसेक बनता है। इसी दबाव में जैसलमेर जोन को 1254 क्यूसेक के बदले सिर्फ 547 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है।
किसानों के लिए बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नेता से लेकर किसान संगठन भी चुप हैं जबकि किसान पानी के अभाव में बर्बादी के कगार पर खड़ा है। सूत्र बताते हैं कि सैकंड स्टेज के अधिकारी प्रथम स्टेज के मुख्य अभियंता को फोन कर रहे हैं लेकिन वहां बैठे अधिकारी नीचे के किसानों की कोई सुध नहीं ले रहे।
आईजीएनपी प्रथम स्टेज के मुख्य अभियंता डी.एस.नोत्रा का कहना है कि गुरुवार रात तक 2700 क्यूसेक पानी कर दिया जाएगा लेकिन अब तक हुई पानी कटौती की भरपाई कैसे होगी इस पर उन्होंने कहा कि फीडर पर मिले पानी के मुताबिक सैकंड स्टेज को पूरा पानी दिया जाएगा।