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जानलेवा ठंड

इंदौर.i गुरुवार को भी शीतलहर का कहर जारी रहा और इंदौर का तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसके साथ ही ठंड ने दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग दिल्ली का पूर्वानुमान है अगले दो-तीन दिनों तक शहर अत्यधिक शीतलहर की चपेट में आ सकता है।

अनुमान के मुताबिक 25 जनवरी को पारा 1.2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। उत्तरी पूर्वी हवाओं का जोर बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को भी चला और रात का पारा 24 घंटे के भीतर दो डिग्री नीचे गिर गया। सुबह तापमान दो डिग्री ऊपर चढ़ा। बुधवार की तुलना में गुरुवार को जनजीजवन कम प्रभावित रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 22 डिग्री सेल्सियस रहा।

उधर, अहिल्याश्रम के सामने बुधवार रात एक अज्ञात वृद्ध महिला की लाश मिली। आसपास के लोगों ने बताया वह भीख मांगकर गुजारा करती थी। सदर बाजार पुलिस का अनुमान है उसकी मौत ठंड लगने से हुई है। इसी तरह यशवंतसागर के पास टीन शेड में राजस्थान निवासी भूरालाल पिता भंवरलाल (55) की लाश अकड़ी हालत में गुरुवार सुबह मिली।

चंदननगर पुलिस के अनुसार वह श्याम कंस्ट्रक्शन कंपनी में रसोइया था और रात को अलाव के पास बिस्तर लगाकर सोया था। साथियों ने सुबह जगाने की कोशिश की तो पता लगा मृत्यु हो गई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। अनुमान है उनकी मौत भी ठंड से हुई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो पाएगी।

उज्जैन में पारा 3 डिग्री पर

गुरुवार को ठंड ने पिछले दो साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। रात का तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले इतनी ठंडी रात 26 दिसंबर 2005 को थी। माघ के महीने में लगातार बढ़ रही ठंड से लोग हैरान है। गुरुवार को दिन का तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

भीषण ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। हवाओं की रफ्तार बढ़ने से तापमान में लगातार गिरावट आई।

बुधवार को उज्जैन जिले का न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस था जो गुरुवार को एक डिग्री और लुढ़क गया। हालांकि गुरुवार को हवाओं की औसत रफ्तार 7 किमी प्रतिघंटा रही जो बुधवार की रफ्तार से एक किमी प्रतिघंटा कम थी।

ग्रहों की वक्री चाल ने ठिठुराया

ज्योतिषाचार्य पं. आनंदशंकर व्यास के मुताबिक फिलहाल शनि, केतु और मंगल ग्रह वक्री बने हुए हैं। इन ग्रहों के वक्री होने से हिमपात हो रहा है। ग्रहों की यह स्थिति फरवरी के प्रथम सप्ताह तक बनी रहेगी। तब तक ठंड का असर भी बढ़ता-घटता रहेगा।

देवास में फसलों पर पाला

पाला गिरने से देवास जिले के टोंकखुर्द, चापड़ा व बरोठा क्षेत्र में चने की फसल व कई बीघा सब्जी नष्ट हो गई। किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। टोंकखुर्द विकासखंड में चने की फसल सौ फीसदी नष्ट हो गई है। गेहूं-सब्जी की फसल 25 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हुई है।

रंधनखेड़ी, टोंककला, चिड़ावद, पाड़ल्या व बरखेड़ा सहित दर्जनों गांवों में चने की फसल बर्बाद हो गई। चापड़ा क्षेत्र के अवल्दा-अवल्दी में कई बीघा चना, मक्का व सब्जी की फसल नष्ट हो गई। जिन खेतों में चने की फसल में फूल आ रहे थे वे भी जल गए।

उधर बुधवार-गुरुवार की रात शाजापुर में सबसे ठंडी रही। यहां पारा लुढ़ककर 2.7 डिग्री तक पहुंच गया। यह पिछले 20 सालों में दूसरी ठंडी रात थी। इसके पहले 1988 में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री तक पहुंच गया था। उज्जैन में भी रात का तापमान 3 डिग्री रहा।

रतलाम, शाजापुर सहित कई स्थानों पर खेतों में बर्फकी परत बिछ गई है। रतलाम, शाजापुर, उज्जैन में रात के तापमान में गिरावट रही।देखी गई तो मंदसौर में दिन के तापमान में चार डिग्री की कमी रही। कंपकंपाती ठंड के चलते कमरों के भीतर रजाई में भी ठिठुरन बनी रही।

सहायक संचालक कृषि डॉ. मोहम्मद अब्बास ने बताया बरोठा में अधिक नुकसान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र में पांच डिग्री से कम तापमान होने से जिन स्थानों पर फूल से फल आने लगे हैं वहां फसल प्रभावित हुई है। जिन लोगों ने सिंचाई की है या खेत में नमी है वहां पाले से जलने की शिकायत नहीं है। पाले का असर एक-दो दिन बाद दिखाई देगा। पाले से बचने के लिए किसान माइक्रोसिल, ग्लूकोस आदि का छिड़काव कर सिंचाई कर सकते हैं। जल्द ही नुकसानी का सर्वे किया जाएगा।





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