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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और कार्य में लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही छह लोगों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये गये हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव ने शहर की सीमा से लगे ग्राम जमाहर और मऊ में सरकारी अमले के साथ पहुंचकर मौके पर मिली शिकायतों के बाद की। इसके साथ ही छह लोगों की वेतनवृद्धियां रोके जाने के आदेश भी दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आकस्मिक दौरे के चौबीस घंटे बाद कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद शर्मा के साथ ग्राम अकबरपुर, जमाहर और मऊ में जा पहुंचे। इन गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा राजस्व, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, महिला एवं बाल विकास, पीएचई और विद्युत विभाग से जुड़ी समस्याओं को सुनने के बाद कलेक्टर ने सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक केके दीक्षित, मुरार के खण्ड शिक्षा अधिकारी और प्रभारी खण्डस्त्रोत समन्वयक एसके द्विेवेदी, शासकीय माध्यमिक विद्यालय जमाहर के प्रधानाध्यापक एमके अग्रवाल के निलंबन के आदेश दे दिये।
चार की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान ही शासकीय माध्यमिक विद्यालय जमाहर के तीन सहायक शिक्षकों बृजेश कुमार सिंह, महेश कुमार सेंगर और हीरालाल के साथ-साथ शासकीय माध्यमिक विद्यालय मऊ के प्रधानाध्यापक दीपचंद पटेरिया की एक-एक वेतनवृद्धि रोके जाने के निर्देश मौके पर ही दिये गये।
इसके साथ ही जमाहर में डा. हेमंत मंडेलिया की एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिये गये। उनके खिलाफ मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना के एक हितग्राही के इलाज में आनाकानी करने की शिकायत थी। गौरतलब है कि आज निलंबित किये गये श्री दीक्षित और द्विेवेदी की वेतनवृद्धि रोकेने के आदेश बीते रोज ही जारी कर दिये गये थे।
जब कलेक्टर को आया गुस्सा
कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव सरकारी अमले के साथ सबसे पहले ग्राम जमाहर के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे। यहां माजरा गड़बड़ था। स्कूल में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं की किताबें कमरे में रखी थीं। उपस्थिति पत्रक में स्टाफ के कई सदस्यों के हस्ताक्षर ही नहीं थे। सहायक शिक्षक बृजेश सिंह ने 22 और 23 जनवरी का आकस्मिक अवकाश ले रखा था पर वे 24 तारीख में भी विद्यालय से अनुपस्थित थे। इस पर कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव को गुस्सा आ गया।
शाम को बांटी किताबें, सामग्री सील की
निरीक्षण के दौरान आठवीं कक्षा के छात्र उदयभान और दूसरे बच्चों ने बताया कि बीते रोज मुख्यमंत्री का दौरा होने के बाद स्कूल में बच्चों को देर शाम किताबें बांट दी गई थी। इससे पहले पढ़ाई कैसे हो रही थी? इस सवाल पर उदयभान ने कहा- पापा ने बाजार से खरीदकर किताबें दी थी।
इस पर जिला कलेक्टर ने सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक के के दीक्षित के साथ-साथ एसके द्विवेदी और एमके अग्रवाल को तत्काल निलंबित करने और तीनों सहायक शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दे डाले। इसके साथ ही उन्होंने कमरे में रखी किताबों का पंचनामा बनाने और उन्हें जब्त करने के निर्देश भी दिये।