पानीपत. आईटी के बाद अब योगा की भी आउट सर्ो्िसग शुरू हो गई है। इसके तहत देश के नामी योगा शिक्षक विदेशों में योगा सिखाकर डालर कमा सकते हैं। योगा फेडरेशन आफ इंडिया (वाईएफओई) ने हांगकांग स्थित योगा इंटरनेशनल कंपनी को अपनी मान्यता प्रदान की है। उक्त कंपनी की डिमांड पर वाईएफओई द्वारा ट्रेंड योगा शिक्षक भेजे जाएंगे।
वाईएफओई का कहना है कि विदेशों में योगा के बढ़ते क्रेज की वजह से भारतीय योगाचार्र्यो की जरूरत महसूस की जाने लगी है। फेडरेशन द्वारा इस दिशा में चाइना, हालैंड, सिंगापुर व अन्य देशों के साथ संपर्क किया जा रहा है। विदेश जाने का मौका केवल उन्हीं योगा शिक्षकों को मिलेगा, जिनके पास वाईएफओई की आर्डनरी मेंबरशिप होगी।
फिलहाल देश में वाईएफओई से मान्यता प्राप्त 27 स्टेट योगा फेडरेशन हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 15 गोल्ड मेडल जीतने वाले योगाचार्य जसबीर सिंह का कहना है कि विदेशों में योगा फास्ट व संगीत की मदद से कराया जाता है। वाईएफओई के इस कदम से देश के योगाचार्र्यो को विदेशों में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
विदेशी सेंटरों का दौरा करेगी वाईएफओई:
योगा शिक्षकों को विदेश भेजने से पहले वाईएफओई द्वारा संबंधित योगा सेंटरों का दौरा किया जाएगा। हर लिहाज से उन सेंटरों की गतिविधियां परखने के बाद ही उन्हें फेडरेशन की मान्यता प्रदान की जाएगी। सेंटरों पर योगा की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं, यह भी जांच का विषय रहेगा। वहां के स्थानीय प्रशासन से भी सेंटर की जानकारी ली जाएगी।
जाने से पहले कैंप करेंगे योगाचार्य
विदेश जाने के लिए चयनित योगाचार्र्यो को वाईएफओई द्वारा आयोजित कैंप अटैंड करना होगा। कैंप में योगाचार्यों को अंग्रेजी स्पीकिंग कोर्स कराया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि विदेशों की फास्ट योगा मूवमेंट को किस तरह से लोगों के समक्ष अभिव्यक्त करें।
फेडरेशन द्वारा ट्रेंड योगाचार्र्यो को विदेश जाने का मौका मिलेगा। विभिन्न देशों के योगा सेंटरों की जांच के बाद ही वाईएफओई अपने ट्रेंड योगा शिक्षकों को वहां भेजेगा। फेडरेशन द्वारा विदेशों के योगा सेंटरों से संपर्क किया जा रहा है।
-अशोक कुमार अग्रवाल डिप्टी डायरेक्टर, खेल विभाग