कोटा.
नगर निगम चंबल गार्डन के साथ ही भीतरिया कुंड व डीयर पार्क को आकर्षक स्वरूप देने जा रहा है। इसके लिए आर्किटेक्ट से नक्शे तैयार करवाए गए हैं। इन्हें शुक्रवार को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही चंबल गार्डन को बीओटी पर दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। गुरुवार को निगम में तीन करोड़ की लागत से चंबल गार्डन के हो रहे सौंदर्यकरण के दूसरे चरण के नक्शे व डिजाइन का प्रदर्शन किया गया।
जयपुर के डी फार्म्स कंपनी की ओर से प्रजेन्टेशन दिया गया। इसमें महापौर मोहन लाल महावर, उपमहापौर रविन्द्र सिंह निर्भय, आयुक्त सतीश बारुपाल, एक्सईएन भूपेन्द्र माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रजेन्टेशन में डीयर पार्क का विकास के बाद स्वरूप कैसा होगा। इसमें क्या-क्या विकास कार्य करवाए जाएंगे, इसका भी प्रदर्शन किया गया।
निगम सूत्रों ने बताया कि चंबल गार्डन, डीयर पार्क व भीतरिया कुंड के नक्शे व डिजाइन एक फर्म से तथा दशहरा मैदान के दरवाजे व प्रदर्शनी हॉल के नक्शे व डिजाइन दिल्ली के वीके बंसल द्वारा तैयार किए गए हैं। इसमें और क्या सुधार किया जा सकता है। इस पर निगम अधिकारियों ने आपस में विचार-विमर्श किया। इन नक्शों व डिजाइन पर अंतिम निर्णय शुक्रवार को कर दिया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि अभी केवल चंबल गार्डन के सोंदर्यकरण के लिए ही तीन करोड़ रुपए की राशि तय की गई है। बाकी के लिए बजट डिजाइन तैयार होने के बाद तय किया जाएगा। महापौर मोहनलाल महावर ने बताया कि चंबल गार्डन की डिजाइन में कुछ संशोधन किया गया है। जिस स्थान पर यहां बोटिंग पौंड बना हुआ है, वहां सीबी गार्डन की भांति ओपन आडिटोरियम बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इसी प्रकार भीतरिया कुण्ड में आधे हिस्से को पिकनिक व रसोई बनाने के के लिए तथा आधे हिस्से को पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी नदी किनारे का उपयोग खाना बनाने व खाने में उपयोग किया जाता है, उस पर पाबंदी लगाई जाएगी। इस प्रकार का नक्शा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि चंबल गार्डन के दोनों चरण की डिजाइन तैयार हो गई है। इसे बीओटी पर दिया जाएगा।