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Chhattisgarh
Raipur Raipur भिलाई. नंदनवन से लगे अटारी इलाके में कुछ लोगों की हवस का शिकार बनी महिला धोखाधड़ी का शिकार हो गई। महिला के उपचार के लिए मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए 50 हजार रुपए का चेक कोटवार से मिलीभगत कर किसी और व्यक्ति ने हासिल कर लिया। पीड़िता के पति की शिकायत पर हीरामणि पटेल नामक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
पीड़ित महिला के पति राजमणि पटेल पिता सुदर्शन को मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 हजार रुपए का चेक जारी किया गया था। चेक दो माह पूर्व पाटन तहसीलदार के कार्यालय पहुंचा, लेकिन वहां से यह हितग्राही को नहीं मिला। घटना के बाद से पूरा परिवार प्रदेश से बाहर था। जनवरी में जब वे भिलाई लौटे तो सहायता राशि के चेक की जानकारी मिली। पूछताछ में पता चला कि चेक किसी और व्यक्ति को दे दिया गया है।
हितग्राही राजमणि द्वारा बुधवार को पुराने भिलाई थाने में शिकायत के बाद पाटन तहसील के आला अधिकारियों को इस घालमेल की जानकारी हुई। पुलिस जांच कर रही है कि एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार के रहते हुए मुख्यमंत्री कोष का चेक गलत व्यक्ति को कैसे मिला और उसका बैंक ने भुगतान कैसे कर दिया।
भिलाई-3 थाना प्रभारी प्रवीर तिवारी ने बताया कि मामले में धारा 420, 409, 120 बी, 34 के तहत जुर्म दज कर आरोपी हीरामणि पिता केमला पटेल को हिरासत में लिया गया है। भिलाई की उस बैंक के प्रबंधक को भी शुक्रवार को थाने में तलब किया गया है, जिसने दूसरे के नाम के एकाउंटपेयी चेक का भुगतान कर दिया। हैरानी की बात है कि आरोपी के दोनों हाथ कटे हुए हैं, लेकिन बैंक के व्रिडाल वाउचर में उसके अंगूठे का निशान है। कोटवार और बैंक के बिलिंग क्लर्क से भी पूछताछ की जा रही है।
कोटवार ने की थी पहचान
पाटन के डिप्टी कलेक्टर एसएन मोटवानी ने बताया कि चेक पत्नी के इलाज के नाम से आया था। उनका कहना है कि आरोपी ने अपना नाम गलत बताया। व्यक्ति की पहचान कोटवार और संबंधित ग्रामीणों ने की थी। यह गलत व्यक्ति को कैसे पहुंचा इसकी जांच की जाएगी। गड़बड़ी की जानकारी गुरुवार को ही मिली है। दुर्ग कलेक्टर ने मामले की जांच अपर कलेक्टर एसआर रात्रे को सौंप दी है। 30 जनवरी तक रिपोर्ट देने कहा गया है।