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Shekhawati Shekhawati सीकर.
उधार के पैसे वसूलने के लिए अगर बैंकों व वित्तीय संस्थाओं ने अपने गलत तरीके नहीं बदले तो अब उनकी खैर नहीं है। उनको इसके लिए जुर्माना भरने के अलावा इनके सीईओ को भी सजा हो सकती हैं। बैंकों के खिलाफ बढ़ती शिकायतों के बाद केंद्रीय उपभोक्ता आयोग ने सभी बैंकों व वित्तीय संस्थाओं को यह निर्देश दिए हैं। आयोग के पास इनके खिलाफ शिकायतों का अंबार लग चुका था।
जिसके बाद आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार कई बैंकों के खिलाफ त्रस्त उपभोक्ताओं ने याचिका भी आयोग में दायर की थी। आयोग ने बैंक व वित्तीय संस्थाओं को चेतावनी दी है कि उनके खिलाफ अगर शिकायतें आती है तो उन्हें बिल्कुल भी नहीं बक्सा जाएगा। पिछले दिनों आयोग ने कई शिकायतों का निपटारा करते हुए बैंकों पर जुर्माना राशि भी ठोकी है।
आयोग के अध्यक्ष जेडी कपूर का कहना है कि उपभोक्ता से जबरन वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में एसबीबीजे बैंक के विद्याधर बोयल का कहना है कि बैंक गलत तरीके नहीं अपनाते हैं। यदि ऐसा कुछ बैंक करती हैं तो उनको चाहिए कि वे समझाइश से वसूली करे। बोयल का कहना है कि ग्राहकों को भी चाहिए कि वे समय पर बैंक में राशि जमा कराए।
बैंकों पर ठोका जुर्माना
एक निजी बैंक ने उधार का पैसा वसूलने के लिए अपने उपभोक्ता को टेलीफोन पर धमकी देना शुरू कर दिया। इसके बाद उपभोक्ता के कार्यालय पर एजेंट भेजकर बैंक ने जबर्दस्ती पैसे वसूलने शुरू कर दिए। उपभोक्ता की शिकायत के बाद आयोग ने बैंक पर दस लाख का जुर्माना लगाया है।
इसी तरह एक बड़ी बैंक के खिलाफ दायर याचिका में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि क्रेडिट कार्ड का बिल वसूलने के लिए फोन पर उससे गाली-गलोच की गई। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड सुविधा भी वापस ले ली गई। इसमें शिकायतकर्ता नय्यर को पांच हजार मुआवजा देने के निर्देश बैंक को दिए गए। ऐसे ही सैकड़ों मामले हैं, जिन्हें आयोग ने निपटाया है।
कैसी-कैसी शिकायतें
आयोग के सामने आई शिकायतें भी चौंकाने वाली रही। बैंक व वित्तीय संस्था रिकवरी के लिए अपने ग्राहकों को फोन पर गाली-गलोच करने के अलावा उनको धमकाती भी है। इसके अलावा बैंक वसूली के लिए ग्राहकों के घर पर अपने एजेंट भेजने से भी बाज नहीं आती थी। कई बार तो बैंकों की गलती के चलते ग्राहक से दो बार वसूली कर ली जाती थी।