नई दिल्ली: राज्यों में पेट्रोल-डीजल की अलग-अलग कीमतों पर अब सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा। कोर्ट पता करेगा कि क्या कंपनियां राज्यवार कीमतों में अंतर कर सकती हैं।
मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन और जस्टिस आरवी रवींद्रन ने केरल हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई स्थगित करने के आदेश दिए हैं। एटार्नी जनरल मिलन के बनर्जी ने यह मसला सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाते हुए दलील दी कि केरल हाई कोर्ट के सामने लंबित मसला सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करना चाहिए, क्योंकि इससे जनहित जुड़े हैं और इसका असर देशव्यापी होता है।
केंद्र सरकार के अनुसार तेल कंपनियां राज्यों के हिसाब से अपनी कीमतें तय नहीं कर सकतीं, क्योंकि इससे हर राज्य में कीमतें अलग हो जाती हैं। केरल में कीमतें देशभर में सबसे ज्यादा हैं।
केरल हाई कोर्ट ने कहा था कि तेल कंपनियां अपने स्तर पर कीमतें तय कर सकती हैं। केंद्र सरकार केरल हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दे रही है।