Special
Padma Vibhushan Padma Vibhushan मुंबई. एक लंबा अरसा राजनीति में गुजारा है सिर्फ इसलिए तो किसी राजनीतिज्ञ को भारत रत्न नहीं देना चाहिए। हां अगर किसी नेक मकसद के लिए किसी ने कोई योगदान दिया है तो उसे वह मान भी देना चाहिए। यह बात आकांक्षा त्यागी के साथ एक इंटरव्यू में पद्मश्री से सम्मानित मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कही..
- इतने सारे सम्मानों के बाद क्या पद्मश्री विशेष है? यदि है तो क्यों?
हां। मगर ईमानदारी की बात यह है कि मेरे लिए इस सम्मान से ज्यादा जरूरी है अपने साथियों द्वारा बढ़ावा। मैंदिन ब दिन अपने सहयोगियों से अपने काम के लिए जो तारीफ पाता हूं वह महत्वपूर्ण है। लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि मैंने यह पुरस्कार स्वीकार किया है एक व्यक्ति के तौर पर नहीं बल्कि इलैक्ट्रॉनिक मीडिया की तरफ से।
- क्या आपने इस सम्मान के लिए या किसी और सम्मान के लिए कोई कोशिश की? यह सवाल इसलिए कि ऐसा अक्सर लोग करते हैं।
जी नहीं, कभी किसी पुरस्कार के लिए ऐसी कोई कोशिश मैंने नहीं की। जो मुझे जानते हैं, उन्हें मालूम है कि मैं सिर्फ अपने जुनून के लिए ही काम करता हूं और वह पत्रकारिता है।
- कई लोगों के प्रेरणास्रोत हैं आप, आपका आदर्श कौन है?
सच कहूं तो कोई नहीं। हालांकि स्कूल-कॉलेज के दिनों में मैं सुनील गावस्कर को क्रिकेट में बेहतरीन कामयाबी के लिए सराहता था लेकिन मेरा आदर्श कोई नहीं है।
- मीडिया के एक व्यापार में तब्दील हो जाने के बाद कितना मुश्किल है कि चैनल लोगों को विश्वास दिला सके कि वह जो मानवीय खबरें पेश कर रहा है, वह टीआरपी बढ़ाने की चाल नहीं है?
बिल्कुल, व्यापार में बदल जाने के बाद मीडिया को आत्मावलोकन की जरूरत है। टीआरपी के कारण मीडिया की भरोसेमंद और सच्ची छवि खोई है और अब मीडिया को सच को सच साबित करने के लिए ज्यादा शिद्दत से कोशिशें करना होंगी।
- कैसे विश्वास दिलाया जा सकता है कि आप वास्तव में सच्चे और प्रतिबद्ध हैं?
बेहतरीन पत्रकारिता, कड़ी मेहनत और ईमानदारी द्वारा।
- भारत रत्न पर चल रहे हालिया विवाद पर आपकी क्या राय है?
मेरी व्यक्तिगत राय यह है कि भारत रत्न दिया जाना चाहिए। और इसका पैमाना यह होना चाहिए कि किसने अपने क्षेत्र में क्या विशेष उपलब्धि हासिल की है। मेरे हिसाब से इतना महत्वपूर्ण सम्मान कई सालों तक न दिए जाने के मुद्दे को ऐसे ही छोड़ा नहीं जा सकता।
- पद्मश्री, ढेर सारे पुरस्कार, प्रसिद्धि.. आपके पास सब कुछ है, क्या कुछ और भी ख्वाहिश है?
मेरे लिए मेरा परिवार ज्यादा महत्वपूर्ण है। ये सब चीजें तो वक्त की बात हैं और परिवार में दाखिल होते वक्त इन सब चीजों की जरूरत नहीं होती। दूसरी बात, पत्रकारिता मेरा जुनून है और जहां मैं हूं, उसकी वजह यही है।
- कौन सी वजह आपको हमेशा आगे बढ़ते रहने की ऊर्जा देती है?
खबर के लिए जुनून, लोगों तक उसे पहुंचाने का जोश और युवाओं को जानकारी मुहैया कराने का मकसद। इसी वजह से हम जल्द ही महाराष्ट्र में मराठी खबर लॉंच करने की प्रक्रिया में हैं।
- 26 जनवरी के खास मौके पर युवाओं के लिए आपका संदेश..
कड़ी मेहनत करो और अपने काम पर फख्र करो।
संबंधित खबरें
* संपूर्ण तानाशाही से बेहतर है अपूर्ण लोकतंत्र : दुआ