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सावधान! शहर में हैं ठग

उदयपुर. अगर कोई व्यक्ति आपके घर आकर दीन-दुखियों के नाम पर चंदा मांगने की आड़ में स्वर्ण मोतियों की माला बेचना चाहे या सोने के आभूषण चमकाने व प्रतिष्ठित कंपनी का माल बताकर इलेक्ट्रिक सामान बेचना चाहे तो सावधान रहें। क्योंकि वे झांसे में लेकर आपके साथ ठगी कर सकते हैं। ऐसे लोगों को घर में भी नहीं घुसने दें और तत्काल पुलिस को सूचना दें, जिससे कोई अन्य भी ठगी का शिकार न हो।

सोना चमकाने के बहाने झांसा

22 जनवरी को ही शहर के निकट सुखदेवीनगर (बेदला) निवासी कौशल्या (५क्) पत्नी सुरेश शर्मा को घर में अकेली देख ठग मिथलेश ठठेरा व एक अपचारी निवासी भागलपुर (बिहार) हाल मणीनगर, अहमदाबाद पहुंचे। कौशल्या को झांसे में लेकर पीतांबरी पाउडर पीतल का लोटा चमका दिया। आभूषण चमकाने के बहाने उसकी सोने की चेन रसायन में डाल दी। कुछ देर बाद महिला को पैकेट दिया और बाद में खोलने को कहा। किंतु बदमाशों के जाने के बाद ही उसने पैकेट खोला, तो चेन का वजन पहले से कम पाया था।

पीतल को सोना बताकर ठगी

अम्बामाता पुलिस ने 21 दिसंबर को पीतल की माला को सोने की बताकर बेचने वाले गिरोह का राजफाश कर मोडासा (गुजरात) निवासी मोहनभाई सलाट, उसके पुत्र प्रहलाद भाई व एक रिश्तेदार नारायण भाई को गिरफ्तार किया। यह गिरोह दीन-दुखियों के नाम फर्जी रसीद काटकर चंदा मांगते हैं तथा झांसे में लेकर पीतल के मोतियों की माला सोने की बताकर बेच देते हैं। इस गिरोह के शिकार हुए लोगों ने अम्बामाता पुलिस से संपर्क किया है। यह गिरोह शहर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है।

ठगों से ऐसे रहे सावधान

शहर में शातिर ठग गिरोह घर में अकेली महिला या वृद्ध को झांसे में लेते हैं। ऐसी स्थिति में सजग रहने के साथ ही लालच या झांसे में नहीं आना चाहिए। घर में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के आने पर तुरंत संबंधित थाना पुलिस या हॉक को फोन करें, जिससे ठगों को पकड़ा जा सके। किसी भी अनजान व्यक्ति को घर में नहीं घुसने दें और ना ही किसी व्यक्ति को जेवरात, बर्तन चमकाने को दें।

असली बता नकली माल थमाया

शहर में एक ऐसा गिरोह भी है, जो घर में अकेली महिलाओं को झांसा देकर प्रतिष्ठित कंपनी के इलेक्ट्रिक उपकरण की जगह नकली सामान बेच जाते हैं। महिलाएं भी ब्रांड कंपनी का सस्ता सामान मिलने के लालच में आ जाती हैंै और ठगी का शिकार हो जाती हैं। इसी तरह शहर के गली-मोहल्लों में नकली शहद बेचने वाले भी सक्रिय हैं, जो शक्कर के गोल को शहद बताकर बेच देते हैं।

दो-तीन सौ रुपए की ठगी होने के बाद कोई भी व्यक्ति पुलिस के चक्कर में नहीं पड़ना चाहता, जिससे यह गिरोह लगातार वारदात दर वारदात करता जा रहा है। कोई भी व्यक्ति बाजार भाव से कम में कोई वस्तु बेच रहा है, तो समझ लें कि वह धोखाधड़ी कर रहा है।

अधिकांश यह गिरोह बड़ा लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। शहरवासियों को चाहिए कि वह लालच में नहीं पड़े। ऐसे व्यक्तियों को घर में नहीं घुसने दें तथा देखते ही पुलिस को सूचना दें, जिससे अन्य कोई ठगी का शिकार नहीं हो।
—ठाकुर चंद्रशील, डिप्टी, उदयपुर





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