इंदौर. रेल बजट में इंदौर-ग्वालियर के बीच सप्ताह में तीन दिन चलने वाली ट्रेन की घोषणा संभव है लेकिन उदयपुर या बैंगलुरू ट्रेन नहीं चलेगी। दरअसल रेल मंत्री लालूप्रसाद यादव का जोर यात्री गाड़ियों के बजाय मालगाड़ियों पर है।
हाल ही में कोलकाता में हुई टाइम-टेबल कमेटी की बैठक में दिल्ली से पहुंचे अफसरों ने बताया मंत्री ने यात्री ट्रेनें चलाने में कंजूसी बरतने और मालगाड़ियों पर ध्यान देने को कहा तो सदस्य हक्के-बक्के रह गए।
इंदौर के लिए निराशाजनक! :
रेल बजट इंदौर के लिए निराशाजनक रहने की आशंका है। टाइम-टेबल कमेटी ने इंदौर से बैंगलुरू और उदयपुर ट्रेन का प्रस्ताव दरकिनार कर सप्ताह में तीन दिन इंदौर-ग्वालियर एक्सप्रेस ट्रेन को मंजूरी दी। अंतिम समय में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ तो इंदौर को यही ट्रेन मिलेगी।
प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी बजट में कुछ खास नहीं होगा। हालांकि रेल मंत्री लालूप्रसाद यादव ने उदयपुर में और राज्यमंत्री नारायणभाई जे. राठवा ने इंदौर में इंदौर-उदयपुर ट्रेन शुरू करने का आश्वासन दिया था। श्री राठवा ने बैंगलुरु ट्रेन पर भी गंभीरता से विचार का कहा था।
रतलाम-चित्तौड़ ट्रेन उदयपुर तक :
कमेटी ने इंदौर-उदयपुर नई ट्रेन के बजाय रतलाम-चित्तौड़ ट्रेन उदयपुर तक चलाने का प्रस्ताव मंजूर किया। हालांकि उसे भी इंदौर-उदयपुर चलाया जा सकता था।
रेलवे बोर्ड ने भेजे थे प्रस्ताव :
सांसद सुमित्रा महाजन की सलाह पर रेलवे बोर्ड ने इंदौर-पुणो ट्रेन रोज चलाने और उदयपुर व बैंगलुरू नई ट्रेन के प्रस्ताव बनाए थे। सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर ट्रेन भी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कारण मंजूर की गई, जो उनके संसदीय क्षेत्र गुना से जाएगी। अभी तीन दिन चल रही इंदौर-ग्वालियर-भिंड ट्रेन का मेंटेनेंस इंदौर में होता है, नई ट्रेन का ग्वालियर में होगा।
सांसद मिलेंगी अधिकारियों से :
सांसद श्रीमती महाजन सोमवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री के सामने इंदौर की उपेक्षा और बजट में नई सुविधाएं जोड़ने का मामला उठाएंगी।