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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. साकेत नगर में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक पं.ब्रजेश पाण्डेय शास्त्री जी ने राम जन्म और कृष्ण जन्म की कथा सुनाई,जिसे सुनकर श्रद्धालु आनंद विभोर हो उठे। पं. बृजेश पाण्डेय शास्त्री ने राम कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान अदिति और कश्यप ऋषि ने भगवान विष्णु की कठोर तपस्या की जिसके फलस्वरूप भगवान विष्णु ने उनके घर पुत्र रूप में जन्म लेने का वरदान दिया।
माता अदिति और ऋषि कश्यप ने जब राजा दशरथ और कौशल्या के रूप में जन्म लिया तब भगवान विष्णु उनके यहां राम के रूप में अवतरित हुए। शास्त्री जी ने कहा कि हिन्दू धर्म में कहने को तो अनेक कथाएं हैं किन्तु राम कथा और कृष्ण कथा जीवन में आत्मसात करने का विषय है। उन्होंने बताया कि देवकी की आठवीं संतान के रूप में जब भगवान नारायण ने जैसे ही जन्म लिया, वासुदेव और देवकी की हथकड़ियां और बेड़ियां स्वत:खुल र्गइ तथा द्वारपाल सो गये व द्वार अपने आप खुल गये।
देवकी के कहने पर वासुदेव महाराज भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा जेल से सिर पर रखी टोकरी में रखकर यमुना पार करते हुए नंद बाबा के पास गोकुल ले जाते हैं। इसके बाद उन्होंने नंदोत्सव की कथा सुनाई।