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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
तेलीपारा स्थित नरेश कपड़ा बाजार और कंस्ट्रक्शन कालोनी में एक रेलकर्मी के घर पर चल रही 'सरइ च्वाइस' नामक टेलरिंग शाप में शनिवार को छापा मारकर रायपुर व राजनांदगांव पुलिस ने नक्सलियों-जैसी वर्दियां जब्त की हैं। नरेश बाजार संचालक के भाई व टेलरिंग शाप के एक कर्मचारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
नरेश बाजार के संचालक, मुख्य दर्जी व मकान मालिक की तलाश की जा रही है। रायपुर व राजनांदगांव पुलिस की एक टीम शनिवार सुबह यहां पहुंची थी। राजनांदगांव व रायपुर में नक्सलियों की वर्दी मिलने के बाद, पुलिस को सूचना मिली थी कि बिलासपुर में भी नक्सलियों की वर्दी सिली जा रही है।
टीम ने सबसे पहले कंस्ट्रक्शन कालोनी निवासी रेलवे कर्मचारी एलएन राव के घर पर स्थित सरइ च्वाइस टेलरिंग शाप में छापा मारा। यहां तलाशी में पुलिस को 92 जोड़ी नक्सलियो-जैसी वर्दियां, 5-6 टोपी, हरे रंग के कपड़े के दो थान और कपड़े की कतरनें मिलीं। यहां कपड़े सिल रहे उड़ीसा के टिटलागढ़ निवासी संतोष सोना को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सरइ टेलर्स का संचालक मुरली राव पुलिस को नहीं मिला। संतोष ने बताया कि कपड़े तेलीपारा स्थित नरेश बाजार के हैं। पुलिस टीम ने नरेश बाजार में दबिश दी।
यहां से पुलिस ने 10.8 मीटर हरे रंग के कपड़े के साथ कुछ वर्दियां बरामद कीं। पुलिस को नरेश बाजार का संचालक रमेश फुगवानी नहीं मिला। उसका भाई नरेश फुगवानी पहले तो पुलिस को कुछ भी बताने से आनाकानी करता रहा, लेकिन कड़ाई करने पर उसने बताया कि वर्दियां सिक्यूरिटी कंपनी के लिए सिली जाती हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर उसे भी हिरासत में ले लिया।
दुकान के बिल रजिस्टर, कंप्यूटर सीपीयू व अन्य दस्तावेज पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। कार्रवाई करने के बाद रायपुर की टीम सरइ टेलर्स के कर्मचारी संतोष, नरेश फुगवानी को लेकर रायपुर रवाना हो गई। रायपुर से एसआई कादिर खान की टीम ने छापामार कार्रवाई की। यहां से एएसपी बीएन मीणा, तारबाहर टीआई अलबर्ट कुजूर व महिला थाना प्रभारी किरण गुप्ता ने उनका सहयोग किया।
आंध्रप्रदेश में किए गए हैं कई कॉल
सूत्रों के मुताबिक नरेश बाजार के संचालक रमेश के तार आंध्रप्रदेश के नक्सली संगठन से जुड़े होने का संदेह है। उसके मोबाइल नंबर के कॉल डिटेल से पुलिस को आंध्रप्रदेश के एक नंबर पर कई कॉल करने की जानकारियां मिली हैं। बताया जाता है कि वर्दियां सिलने का आर्डर आंध्रप्रदेश से उन्हें मिलता था।