जयपुर. रामगंज स्थित मच्छी मार्केट के पास कोलियों की कोठी में रविवार दोपहर बीच सड़क पर लाठियां-तलवारें चलने से अफरा-तफरी मच गई। यहां नंदराम कोली के परिवार पर एक समुदाय के कुछ लोगों ने लाठियों-तलवारों से हमला कर दिया था। इसमें दस लोग घायल हो गए और आसपास के इलाके में तनाव फैल गया।
देर रात पुलिस ने स्थानीय पार्षद उमरदराज के भाई अब्दुल रहीम, मामा के लड़के शाकिर तथा एक अन्य आरोपी अनवर को गिरफ्तार कर लिया। रामगंज थाना पुलिस ने बताया कि हमलावरों के रूप में उस्मान, अनवर, सलीम, शराफत अली, कुतुब सरदार, अब्दुल शकील, शाहिर तथा अन्य लोगों को नामजद किया गया है।
घायलों में नंदराम, राजू, नारायण पालीवाल, बिहारी, गोपाल, मदन, रुक्मणी, तारा, राजेश व राजेंद्र शामिल हैं। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने नंदराम की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने तथा जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का मामला दर्ज किया है।
क्यों हुआ झगड़ा
नंदराम कोली के यहां मृत्युभोज के लिए कुछ युवक सड़क पर कनात लगा रहे थे, तभी समुदाय विशेष का एक युवक मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा और उसने टेंट हटाने को कहा। इस पर कहासुनी हो गई। कुछ लोगों ने समझा-बुझाकर विवाद शांत किया, लेकिन थोड़ी देर बाद लाठियों और तलवारों से लैस कुछ लोगों ने नंदराम के परिवार पर हमला कर दिया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी कोलियों की कोठी के सामने एकत्र हो गए। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची रामगंज, गलतागेट तथा माणकचौक थाना पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत किया।
पुलिसकर्मी ने तलवार छीनी और लौटा दी
घटना के चश्मदीद लोगों का कहना था कि हमले के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचे पुलिस चौकी कोली कोठियान के एक पुलिसकर्मी ने हवा में तलवार लहरा रहे एक आरोपी से तलवार छीन ली थी। करीब दस मिनट तक पुलिसकर्मी ने तलवार अपने पास रखी।
बाद में जब उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचने लगे तो पुलिसकर्मी ने हमलावर को तलवार लौटा दी। लोगों का आरोप था कि चौकी पुलिस आरोपियों से मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमारे सिपाही ने तलवार छीन ली थी, लेकिन आरोपी सिपाही से तलवार छीन कर ले गए। हम आरोपी की पहचान कर रहे हैं।
दुकानें बंद, देर रात दबिश : घटना के बाद लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। आरोपियों की तलाश में देर रात तक पुलिस संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देती रही।