जयपुर. आम तौर पर किसी भी फिल्म फेस्टिवल में शिरकत नहीं करने वाले बालीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान ने जयपुर में आयोजित लिटरेरी फेस्टिवल में भाग लेकर आयोजन को रंगीन बना दिया। उन्होंने खुद को ‘आशिक एक्टर’ करार दिया। यह पूछे जाने पर कि वे फेस्टिवल में आने को कैसे तैयार हो गए, आमिर ने जवाब दिया, ‘मेरेफेवरेट स्क्रिप्ट राइटर के यहां आने की वजह से मैं भी आ गया, लेकिन पता चला कि वे खुद इसमें नहीं आ पाए।’
आमिर ने कहा कि एक्टर दो प्रकार के होते हैं- एक, आशिक एक्टर और दूसरे माशूक एक्टर। वे खुद को एक आशिक एक्टर के रूप में देखते हैं। दोनों में फर्क बताते हुए आमिर ने कहा कि आशिक एक्टर अपने काम के प्रति समर्पित होता है और खुद पर केंद्रित होता है जबकि माशूक पर दूसरे लोग कन्संट्रेट करते हैं।
लोकप्रियता से भुनाई ऑफबीट फिल्में : आमिर कहते हैं कि उन्हें मिली लोकप्रियता और दर्शकों के प्यार ने ही उनमें लीक से हटकर फिल्में बनाने का साहस दिया। लगान, रंग दे बसंती और तारे जमीन पर की सफलता इसी का नतीजा है।
असल मुद्दा तो स्क्रिप्ट और निर्देशन: स्क्रिप्ट और निर्देशन के मामले में फूंक-फूंककर कदम रखने वाले आमिर ने कहा कि वे रायटर और निर्देशक दोनों से स्क्रिप्ट नेरेट करवाते हैं, लेकिन उसी तरह जिस तरह वे फिल्म चाहते हैं। यदि स्क्रिप्ट उनके दिल को छू नहीं जाती या नेरेटर दिल से नेरेट नहीं कर पाते तो वे फिल्म रिजेक्ट कर देते हैं।