मानपुरा-माचेड़ी/ जाहोता.
ग्रामीणों, पुलिस और वनकर्मियों के सामूहिक प्रयास से शनिवार को चौंप ग्राम पंचायत के खान क्षेत्र की तलाई के पास एक कच्ची मिट्टी की दूर (खड़े) में छिपे जरख को पकड़ लिया गया। बाद में वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे नाहरगढ़ अभयारण्य में छोड़ दिया। गत दो माह से क्षेत्रीय लोग इस जरख को बघेरा समझ कर दहशत में थे क्योंकि जरख का रंग, चाल-ढाल बघेरा के समान थी। इस कारण लोग इसे बघेरा समझ बैठते थे।
ऐसे पकड़ में आया : ग्रामीणों ने वन्यजीव की हलचल देखते ही पुलिस व वन विभाग को सूचना दी और इसके छिपने के स्थान को लगभग दो हजार लोगों ने चारों ओर से घेर लिया। मौके पर पहुंचे वनरक्षक सेडूराम वर्मा, रेंजर प्रहलाद और पुलिस के थाना अधिकारी राजेंद्र सिंह ने गत दिनों रिसाणी व चीथवाड़ी खोरा में जरख को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे को कच्ची मिट्टी की दूर (खड़े) के पास रख दिया।
वनरक्षक सेडूराम वर्मा ने ग्रामीणों को खामोश रहने का इशारा किया। थोड़ी देर बाद जैसे ही जरख बाहर निकला, उसे पिंजरे में कैद कर लिया गया। जरख को करीब से देखने के बाद ही ग्रामीणों का डर खत्म हुआ। वनकर्मी जरख को जयपुर ले गए। शनिवार रात नाहरगढ़ अभयारण्य वीकेआई एरिया स्थित चौकी में जरख को रखा गया और रविवार को तड़के इसे नाहरगढ़ अभयारण्य में छोड़ दिया गया।
कहां-कहां था मूवमेंट : गत दो महीनों में यह जरख ग्राम अनंतपुरा, प्रेमनगर, रिसाणी, देगड़ावास, खोरा श्यामदास, दौलतपुरा, बगवाड़ा, चीथवाड़ी, चौंप आदि कई गांवों में देखा गया था।