किशनगढ़.
देवपुरी से दो किलोमीटर दूर मुंडोलाव मार्ग पर रविवार दोपहर जिलेटिन की पेटी में विस्फोट हो गया। एक किशोर और दो युवकों की मौत हो गई, जबकि बालिका सहित दो जने जख्मी हो गए। धमाका इतना जबर्दस्त था कि जंगल थर्रा उठा और मृतकों के अंग दूर-दूर तक फैल गए।
अनुसूचित जाति विकास निगम की एससी वर्ग के किसानों के कुएं गहरे करने की योजना के तहत भूजल विभाग का ट्रक रविवार को देवपुरी निवासी बैरवा परिवार के कुएं की खुदाई करने पहुंचा था। विभाग की ओर से जारी जिलेटिन (बारूद) की 290 छड़ों में से कुछ को कुएं में लगाया गया था। विस्फोट नहीं होने पर ऑपरेटर एसएम आजम छड़ों की टोपियां चैक कर रहा था।
कुएं के मालिक गोगा बैरवा का पुत्र भागचंद बैरवा (14), सांवरलाल जाट का पुत्र ओमप्रकाश जाट (19), रामा गुर्जर का बेटा सावरा गुर्जर (18) उसके पास खड़े थे। टोपी चैक करते समय निकली चिंगारी पास रखी बारूद की छड़ों से भरी पेटी पर जा गिरी।
रविवार था बहाना :
पेटी में करीब 220 छड़ें थीं। कुछ ही पल में विस्फोट हो गया और भागचंद, ओमप्रकाश व सांवरा के शरीर टुकड़ों में बदल कर करीब पांच सौ फीट की दूरी तक बिखर गए। ऑपरेटर आजम धमाके से उछलकर काफी दूर जा गिरा। उसकी दोनों आंखों में र्छे चले गए। मौके से काफी दूर बैलगाड़ी के पास बैठी जसराज बैरवा की बेटी इन्द्रा (7) भी विस्फोट की चपेट में आने से जख्मी हुई है।
इन्द्रा की आवाज सुनकर पहुंची महिलाओं ने भयावह मंजर देखा तो जंगल चीख-पुकार से गूंज उठा। पास की पहाड़ी पर पत्थर निकाल रहे मजदूर वहां पहुंचे तो उनके पांव ठिठक गए। दूर-दूर तक चारों तरफ मांस को लोथड़े बिखरे हुए थे।
गांव के रामधन चौधरी ने अरांई पुलिस और विधायक भागीरथ चौधरी को सूचना दी। पुलिस और प्रशासन हरकत में आता, इससे पहले ही ग्रामीणों ने कार मंगवाकर घायल आजम और इन्द्रा को राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल भिजवा दिय। जहां से दोनों को अजमेर रेफर कर दिया गया।
नहीं मिलेहाथ-पैर
विस्फोट इतना जोरदार था कि मृतकों के शरीर के टुकड़े-टुकड़े होकर दूर-दूर तक फैल गए। भागचंद का दायां पैर और सांवरा का हाथ काफी ढूंढ़ने पर भी नहीं मिला। गांव के लोग कुत्तों पर नजर रखे हुए थे। पेड़ पर लटके मांस के लोथड़े के इर्द-गिर्द कुत्ते घूम रहे थे।
पेटी में 25 किलो बारूद
जिस पेटी में विस्फोट हुआ उसके जिलेटीन की 220 छड़ें थीं। जिनका वजन 25 किलो था।
तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
सिंचाई मंत्री सांवरलाल जाट ने जलदाय विभाग मुख्य अभियंता (जोधपुर) केएम माथुर को फोन पर घटना की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए। जाट ने मौके पर खड़े विभाग के ट्रक की हालत पर भी नाराजगी जताते हुए अफसरों को आड़े हाथों लिया।