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Shekhawati Shekhawati डूंडलोद (नवलगढ़). देश-विदेश में अपने कई कीर्तिमानों से शेखावाटी ने नाम रोशन किया है। यह बात शनिवार को सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेंद्रसिंह राठौड़ ने आरईपीएसी ग्राउंड पर राजस्थान इक्वीस्ट्रीयन एसोसिएशन की ओर से पहली बार हो रही अंतरराष्ट्रीय घुड़दौड़ प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में कहीे। मुख्य अतिथि राठौड़ ने कहा कि आज के युग में घोड़े पालना हर किसी के बस की बात नहीं है।
ऐसे कार्यक्रमों से शेखावाटी में पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा होगा। राठौड़ ने कहा कि शेखावाटी के सैनिकों ने पूरे विश्व में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि सरकार परंपरागत खेलों को लुप्त नहीं होने देगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष भाजपा नेता डा. दशरथसिंह शेखावत ने कहा कि गांवों में कई प्रतिभाएं छुपी हुई है।
मारवाड़ी घोड़े पर दौड़ी मेम
ठंडी फिजाओं के बीच रेतीली धोरों से उड़ती मिट्टी, काले-पीले घोड़े, जोश और जज्बे के बीच रोमांचक खेल दिखाती गोरी मेम। इस नजारे ने देश-विदेश से आए लोगों को खूब लुभाया। प्रतियोगिता में मारवाड़ी घोड़ों पर दौड़ लगाती गोरी मेम ने हैरत अंगेज कारनामे प्रस्तुत किए। इसमें इंग्लैंड, फ्रांस, छत्तीसगढ़, जोधपुर, लक्ष्मणगढ़ व नवलगढ़ की टीमों ने भाग लिया।
गिनीज बुक ही तमन्ना : शर्मा
हैरतअंगेज कारनामों के लिए देशभर में प्रसिद्ध हरियाणा के महेश शर्मा अपना नाम गिनीज बुक में दर्ज कराना चाहते हैं। उनका दावा है, ‘वे इंडिया में एकमात्र ऐसे घुड़ सवार है, जो दो घोड़ों पर सवार होकर तिरंगा फहरा सकते हैं।’ शर्मा ने भास्कर से बातचीत में कहा कि उन्हें घुड़सवारी के दौरान कभी डर नहीं लगता है।