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Shekhawati Shekhawati सीकर. मोबाइल के नेटवर्क पर करोड़ों के दांव खेलने वाले सटोरियों ने अब नया ‘ग्राउंड’ तय कर लिया है। कानून की नजरों से बचने और मुनाफे के फेर में अब यह रास्ता इंटरनेट बना है। लगातार सटोरियों के खिलाफ कार्रवाई में जांच के बाद खुल रही परतों में यह सबकुछ धीरे-धीरे सामने आने आ रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक सट्टे का यह कारोबार मोबाइल नेटवर्क के दम पर खूब खेला जा रहा था।
हाइटैक सटोरियों ने कुछ कदम और बढ़ा लिए हैं। मेट्रोसिटी से दूर सट्टे का गढ़ माने जाने वाले शेखावाटी के सटोरियों ने इसमें भी फिर हिस्सेदारी निभाई है। पुलिस का कहना है कि सटोरियों ने ई-मेल, चैटिंग के दम पर इस कारोबार को आपरेट करना शुरू किया है। इसमें लैपटाप, पामटोप जैसे आधुनिक उपकरण खूब काम आ रहे हैं। पुलिस का मानना है कि फोन पर ट्रेस होन का ज्यादा खतरा रहता है। ऐसे में इंटरनेट सेफ नजर आ रहा है।
कार्यवाहक एसपी समीरकुमार सिंह कहते हैं कि अभी तक पुलिस कार्रवाई सीधेतौर सटोरियों का यह नया अंदाज पकड़ में नहीं आया है, मगर जांच में भनक लगने पर पुलिस ने इस दिशा में जांच करना शुरू कर दिया है।
पांच करोड़ रुपए की पर्चियां मिलना बड़ी कार्रवाई है। पिछले दिनों जांच के दौरान यह सामने आया था कि सटोरिए प्रोपर्टी में पैसा लगा रहे हैं। इनके इंटरनेट इस्तेमाल से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
-समीरकुमार सिंह, कार्यवाहक, एसपी