लंदन. अब तक आक्रामकता और कामेच्छा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को अब कमजोर याददाश्त का भी एक कारण बताया गया है। नए रिसर्च के अनुसार, टेस्टोस्टेरोन के स्तर का याददाश्त के साथ गहरा नाता हो सकता है।
हार्वर्ड मेन्स हेल्थ वॉच के ताजा अंक में प्रकाशित रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, टेस्टोस्टेरोन का स्तर उम्र के साथ घटने लगता है, साथ ही याददाश्त भी घटती है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या किसी व्यक्ति में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाकर उसकी याददाश्त में सुधार किया जा सकता है। वैसे पहले किए गए परीक्षणों में यह बात भी सामने आई थी कि टेस्टोस्टेरोन की बहुत ज्यादा मात्रा भी स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती है।