गुड़गांव/ हैदराबाद. अंतरराज्यीय किडनी रैकेट का भांडाफोड़ होने के बाद इसके सरगना डॉ. अमित कुमार उर्फ संतोष राउत के विदेश भागने की आशंका के बीच उत्तरप्रदेश और हरियाणा पुलिस ने रविवार को मुरादाबाद और गुड़गांव में छापेमारी की।
इस बीच गुड़गांव पुलिस ने अमित व अन्य फरार डाक्टरों की तलाश में 12 टीमें गठित की हैं जो दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और नेपाल बार्डर के लिए रवाना हो गई। एक टीम हैदराबाद पहुंची है।
यूपी पुलिस ने मुरादाबाद में अनेक स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन एसएसपी प्रेम प्रकाश ने इसका विवरण देने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर मोहिंदर लाल ने बताया कि पुलिस ने एक गेस्ट हाउस पर छापा मारा है।
अमित कुमार इसे ‘हास्पिटल’ की तरह इस्तेमाल करता था। छापे में पुलिस को ऐसे दस्तावेज मिले जिनसे उन मरीजों के बारे में पता चलता है, जिनका वहां अमित ने आपरेशन किया था। अपने ‘कॉन्टेक्ट्स’ का इस्तेमाल कर अमित के विदेश भागने की आशंका के बारे में लाल ने कहा, ‘हम इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।’
हालांकि उन्होंने दावा किया कि 500 अवैध प्रत्यारोपणों में शामिल रहा अमित ज्यादा दिनों तक कानून से नहीं भाग पाएगा। इससे पहले शनिवार को गुड़गांव स्थित अमित के ‘लक्जरी गेस्ट हाउस’ पर मारे गए छापे में पांच विदेशी पर्यटक मिले, जो कथित तौर पर किडनी प्रत्यारोपण के लिए आए थे।
भगाने में किसका हाथ? : उप्र और हरियाणा दोनों राज्यों की पुलिस एक दूसरे पर अमित को भागने में मदद देने का आरोप लगा रही हैं। दोनों राज्यों की पुलिस का आरोप है कि छापे के पहले ही अमित को इसकी जानकारी मिल चुकी थी और वह फरार होने में सफल रहा।
आंध्र के किसानों ने बेची थी किडनी
आंध्रप्रदेश में कर्ज से दबे कुछ किसान अपनी किडनी बेचने के लिए गुड़गांव गए थे। गुंटुर जिला निवासी जक्का वैंकटेशवलरु समेत 23 किसानों ने बताया कि उन्हें जीवनयापन के लिए अपनी किडनी बेचनी पड़ी थी। पांच लाख रुपए के कर्ज से दबा वैंकटेशवलरु अक्टूबर 2007 में गुड़गांव में अपनी किडनी बेचकर वापस घर लौटा था। उसे एक किडनी के लिए दो लाख रुपए मिले थे।