चेन्नई. दक्षिण की अभिनेत्री श्रेया द्वारा पिछले दिनों एक कार्यक्रम में पहने गए कपड़ों पर सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में गुस्सा देखा गया और पीएमके ने मांग की कि सार्वजनिक अश्लीलता को रोकने के कदम उठाए जाएं।
पीएमके के टी वेलमुरुगन ने कहा कि इंटरटेनमेंट उद्योग सांस्कृतिक और सामाजिक मर्यादाएं भंग कर रहा है, वह भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में। अधिकांश सीरियल समाज को गलत दिशा देने वाली थीमों जैसे विवाहेतर संबंधों और महिलाओं को गलत स्थितियों में दिखाने पर आधारित हैं जिनसे पारिवारिक मूल्यों पर खतरा पैदा हो रहा है।
पिछले दिनों रजनीकांत स्टारर फिल्म शिवाजी-द बॉस के सिल्वर जुबली समारोह में श्रेया द्वारा पहने गए कपड़ों का हवाला देते हुए वेलमुरुगन ने कहा कि सरकार को यह अश्लीलता रोकने के लिए कार्रवाई करना चाहिए। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने की थी।
एक हिंदू संगठन ने श्रेया के खिलाफ एक पुलिस शिकायत भी दर्ज की थी जिस पर श्रेया ने माफी मांगी थी।
विधानसभा में गूंज :
बिजली मंत्री आर्कट एन वीरासामी ने कहा : अभिनेताओं के लिए ड्रेस कोड तो नहीं बनाया जा सकता, हां उन्हें इस तरह के कपड़े न पहनने की सलाह दी जा सकती है।
उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमदी ने कहा : समय के हिसाब से पहनावे बदल रहे हैं और महिलाएं साड़ियों के अलावा अन्य परिधानों में ज्यादा रुचि रख रही हैं।
वेलमुरुगन ने कहा : इससे पहले भी टीवी चैनलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम कई ऐसे कार्यक्रम दिखाए गए हैं जिनमें महिलाएं अभद्र पहनावे में हैं, यह सब केवल टीआरपी रेटिंग बढ़ाने का खेल है।