ट्रॉय (तुर्की):प्रयोगशालाओं में नई दवाओं के चूहों पर होने वाले परीक्षणों के विरोध को देखते हुए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी माइक्रोचिप बनाई है, जो आने वाले दिनों में इन ‘गिनी पिग’ (चूहों) की जगह ले सकती है। कई बार नई दवाओं के जहरीले असर से चूहों की मौत भी हो जाती है।
इस माइक्रोचिप की खोज की है यहां के रेनेस्सेलर पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर जोनाथन डोरडिक ने। इनका दावा है कि दवाओं में मिले खतरनाक रसायनों का परीक्षण उनकी चिप पर आसानी से किया जा सकता है। जोनाथन का यह भी कहना है कि उनकी चिप वैज्ञानिक परीक्षणों पर बिल्कुल असली चूहों की तरह प्रतिक्रिया भी व्यक्त करती हैं।
कैसी है चिप : जोनाथन की टीम द्वारा बनाई गई इस आयताकार चिप पर सैकड़ों छोटे-छोटे सफेद डॉट्स हैं, जिनमें प्रसंस्कृत की हरुई मानव कोशिकाएं और एंजाइम्स भरे हुए हैं। इस बेहद महीन चिप को कुछ इस तरह से बनाया गया है, ताकि ये ठीक उसी तरह से प्रतिक्रिया दें, जैसी प्रतिक्रिया मानव कोशिकाओं में होती हैं।
बाजार में भी होगी उपलब्ध : जोनाथन और उनके सहयोगी केमिकल इंजीनियर प्रो. डगलस क्लार्क को उम्मीद है कि अगले साल से यह चिप बाजार में उपलब्ध हो जाएगी।