अभिमत. भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट टेस्ट सीरीज खत्म होते ही हरभजन सिंह -एंड्रयू सायमंड्स के विवाद ने एकाएक नया मोड़ ले लिया है। आईसीसी के न्यायमूर्ति जॉन हेंसन ने स्टंप माइक्रोफोन में दर्ज आवाज को बतौर सबूत सुनने और नए सिरे से बिना शपथ गवाही की घोषणा की है।
जाहिर है इससे भारतीय खेमा बुरी तरह से नाराज है और उसने त्रिकोणीय सीरीज से हटने की धमकी दी है। बीसीसीआई की ओर से आईएस बिंद्रा एडिलेड पहुंच गए हैं। बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने भी स्पष्ट कर दिया है कि हरभजन पर नस्लभेद का आरोप बर्दाश्त नहीं होगा और इस मामले में झुकने का सवाल ही नहीं उठता है।
अब सब कुछ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग पर निर्भर है। यदि वे आरोप वापस ले लेते हैं तो दोनों देशों के बीच उपजा विवाद खत्म हो सकता है तथा त्रिकोणीय सीरीज भी खेली जा सकती है। यदि पोंटिंग बैकफुट पर नहीं गए, तो टीमइंडिया को तो वापस आना ही है।
इस मामले में सभी खिलाड़ी एकजुट हैं तथा बीसीसीआई का भी उनको भरपूर समर्थन प्राप्त है। बीसीसीआई की ओर से वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक आईएस बिंद्रा एडिलेड जाकर ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से मिल चुके हैं तथा अब देखना यह है कि ऑपरेशन पोंटिंग में वे कितने सफल होते हैं।
न्यायमूर्ति हेंसन का यह तर्क किसी के गले नहीं उतर रहा है कि कोई भी गवाह माइक प्रॉक्टर के सामने दी गई गवाही को बदल सकता है। देखा जाए तो अब सब कुछ कप्तान रिकी पोंटिंग के ऊपर निर्भर है। भारत ने स्पिनर ब्रेड हॉग के ऊपर इल्जाम को वापस लेकर खेल भावना का शानदार परिचय दिया था इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि पोंटिंग भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते को मधुर बनाए रखने के लिए आरोप वापस ले लेंगे। यदि पोंटिंग ऐसा करते हैं तो क्रिकेट की शालीनता की ही जीत होगी।