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मम्मी.. स्कूल नहीं जाना

जयपुर. शहर के न्यूनतम तापमान में आई गिरावट के साथ ही सर्दी ने फिर रंग दिखाना शुरू कर दिया। सोमवार सुबह धूप 9 बजे निकली पर इसमें तेजी नहीं होने से इसका अहसास नहीं हुआ। शाम तक सर्द हवाएं चलती रहीं। सर्दी से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ज्यादातर लोग शाम होने के बाद घरों में ही दुबके रहते हैं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही आम दिनों के मुकाबले कम दिखाई दी। बाजारों में देर रात तक रहने वाली रौनक भी कम होने लगी है।

स्कूली बच्चों को आई परेशानी

दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हुई। बच्चे सुबह रजाई में ही दुबके रहना चाहते थे, परंतु अभिभावकों के आगे उनकी एक नहीं चली और स्कूल जाना पड़ा।

गर्म कपड़ों का भी फायदा नहीं

गर्म कपड़ों में भी सर्दी नहीं रुक रही है। सुबह-शाम घूमने वाले, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज जाने वाले तथा रात की पारी मे काम करने वाले लोग दस्ताने, मफलर, टोपी लगा कर सर्दी से बचाव कर रहे हैं।

यात्रियों की संख्या भी कम

कोहरे व सर्दी के कारण बसों व ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले कम रही। लंबी दूरी की बसों में सीट के लिए जहां पहले आरक्षण कराना पड़ता था, अब आसानी से टिकट मिल रहा है।

पशु-पक्षी पर भी मार

मौसम की मार पशु-पक्षियों पर भी पड़ी है। सर्दी बढ़ने से पशु-पक्षियो का जीवन भी प्रभावित होने लगा है। पालतू पशुओं को सर्दी से बचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं। दुधारू पशुओं को टाट के कपड़े से ढंका जा रहा है।

फसलों को पाले से बचाएं

कृषि विभाग ने फसलों को पाले से बचाने के लिए किसानों को हल्की सिंचाई करने, रात में उत्तरी-पश्चिमी मेड़ पर धुआं करने, पौधशाला व छोटे फलदार पेड़ों की उत्तरी-पश्चिमी दिशा मे हवारोधी टाटी लगाने, एक हजार लीटर घोल में एक लीटर व्यापारिक गंधक का तेजाब प्रति हैक्टेयर छिड़कने की सलाह दी गई है। इसके बाद भी पाले की संभावना हो तो गंधक के तेजाब का छिड़काव १५-१५ दिन के अंतर पर दोहराने के लिए कहा गया है।





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