इंदौर. एसटीएफ ने निकोलस पिरामल के प्रेसीडेंट अश्विन भट्ट और ड्राइवर बाबूसिंह पटेल को अपहर्ताओं से ‘छुड़ाया’, प्रेस कॉन्फ्रेंस ली और घर पहुंचा दिया। बदमाशों को जल्दी गिरफ्तार करने के दावे भी किए जा रहे हैं लेकिन इंदौर में दर्ज अपहरण के मामले में दोनों पुलिस दोनों के बयान तक नहीं ले पाई है।
श्री भट्ट व श्री पटेल को घर पहुंचे दो दिन हो गए। दूर-दूर से आकर परिचित हालचाल जान आए पर अब तक पुलिस या क्राइम ब्रांच बयान नहीं ले पाई है। अपहरण का मामला तो एमआईजी थाने पर दर्ज है, फिर भी इंदौर के पुलिस अधिकारियों को पूरा घटनाक्रम तक पता नहीं। अधिकारी बताते हैं श्री भट्ट की तबीयत खराब है लेकिन ड्राइवर बाबूसिंह के भी बयान नहीं लिए गए।
सूत्र बताते हैं स्थानीय पुलिस का रुख ढीला-ढाला होने का कारण यह मान्यता भी है कि रिहाई फिरौती देकर हुई और अपहर्ता हाईप्रोफाइल हैं। उन्हें गिरफ्तार कर भी लिया तो दोनों मुक्त व्यक्ति उनके खिलाफ बयान नहीं देंगे। बताया गया है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है।
उल्लेखनीय है कि एसटीएफ आईजी संजीवकुमार सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था पुलिस के मूवमेंट की खबर अपहर्ताओं को पहले से लग गई थी जिसके चलते वे हमारे पहुंचने से पहले ही निकल गए। डीएसपी क्राइम राजेश व्यास ने बताया दोनों के बयान के बाद जरूरी हुआ तो आरोपियों के स्कैच जारी होंगे। उन्हें पूरा भरोसा है आरोपी जल्दी गिरफ्तार होंगे लेकिन इसका आधार वे नहीं बताते।
एटीएम से मिले फोटो का क्या हुआ
पुलिस आरोपियों के स्कैच जारी करने की बात कर रही है, जबकि ग्वालियर की एटीएम मशीन के कैमरे में बदमाशों के फोटो पहले से मौजूद हैं। उसके आधार पर बदमाशों की तलाश क्यों नहीं? इस पर पुलिस अधिकारी कहते हैं उन फोटो से क्षेत्रीय बदमाशों से मिलान कराएंगे। चर्चा यह भी है कि पुलिस जानबूझ कर इस बिंदु को दबा रही है।