श्रीडूंगरगढ़.
अखिल भारतीय किसाना सभा के बैनर तले किसानों ने 16 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को उपखंड कार्यालय के सामने किसान महापंचायत आयोजित की गई। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के वोटों से जीत कर पूंजीपत्तियों के इशारों पर चलने वाल सभी राजनीतिक दलों को सबक सिखाने पर ही किसान, मजदूर व आम आदमी की सभी समस्याएं हल हो पाएगी। किसानों ने राज्य के सत्ताधरी व विपक्षी दल को सबक सिखाने का आह्वान किया।
अभाकिस के जिलाध्यक्ष का. लालचंद भादू ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की परीक्षा ले रही है अब किसानों को अपनी एकता के बल पर ताकत दिखानी होगी। उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा महापंचायत में किसानों के नहीं पहुंचने का फरमान जारी करने के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए किसानों को दो नावों की सवारी नहीं करने की सलाह दी व बिजली या नेता दोनों में से एक को चुनने को कहा।
सभा के जिला उपाध्यक्ष व जिप सदस्य का. गिरधारी महिया ने महापंचायत पर सरकार की नजर होना किसानों की सफलता बताई। महिया प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर बरसे व वार्तानहीं करने पर चेतावनी दे डाली। महिया ने किसानों से महापड़ाव में अस्त्र-शस्त्र भी लेकर आने को कहा।
महिया ने किसानों की ताकत को सर्वोच्च बताते हुए इससे अंग्रेजों, सामतों का राज जाना बताया। किसानों को संबोधित करते हुए घड़साना के किसान नेता लिक्ष्मणसिंह, एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रामगोपाल बिश्नोई, अभाकिस के जिलामंत्री अशोक शर्मा, नौजवान सभा के बजरंग छींपा, महिपाल सारस्वत, अभाकिस के तहसील अध्यक्ष मोहन भादू, मास्टर गोविंद बाना, नत्थूराम सिद्ध, बहादुरनाथ सिद्ध आदि ने विचार रखे। महापंचायत अध्यक्षता मोतीराम शर्मा, मोतीराम खीचड़, नत्थुराम मेघवाल व काननाथ सिद्ध व रणजीत सिद्ध के अध्यक्षीयमंडल ने की।
एकजुट हो किसान
महापंचायत में जहां सभी वक्ता किसानों के साथ छल करने वाली पार्टियां बताकर भाजपा व कांग्रेस को सबक सिखाने की चर्चा कर रहे थे वहीं युवक कांग्रेस के जिला महामंत्री एडवोकेट धर्माराम चौधरी ने पार्टी को लिखित सिद्धांत बताते हुए अपनी पार्टी का पक्ष लिया व साथ ही किसान हित के मुद्दे पर पार्टियों में बंटने के बजाय किसान एकता पर कायम रहने को कहा।
महापंचायत के मंच से चौधरी ने किसान हित में संघर्ष पार्टी के बजाय किसान के नाम से ही करने को कहा। चेतावनी सभा के ज्ञापन संबंधित मांगों पर राजस्व विभाग व विद्युत निगम से जवाब लेकर किसान प्रतिनिधियों को लिखित में पहले ही भेज चुके है जो स्थानीय स्तर पर हो पाया हमने किया है। बाकी मांगे सरकार की नीति से जुड़ी है इसलिए आगे भेज दी है।
-दिनेश कुमार जांगिड़, उपखंड अधिकारी श्रीडूंगरगढ़