News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. राशन दुकानों का संचालन कर रहे उपभोक्ता भण्डार व सहकारी समितियों की आय बढ़ाने के लिए अब दुकानों से तेल-साबुन व किराने का सामान भी बेचने की छूट विभाग ने दे दी है। एक अन्य आदेश में विभाग ने सफेद केरोसिन का लाइसेंस अधिक से अधिक लोगों को देने का निर्णय लिया है।
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 450 राशन दुकानें संचालित हैं। चूंकि राशन वितरण के एवज में कमीशन कम मिलता है इसलिए इनमें से लगभग सभी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी कारण से दुकानें पूरे समय तक खोलने में संचालकों की रुचि नहीं रहती है और वे कुछ घंटे दुकान खोलने के बाद दूसरे काम धंधे में लग जाते हैं।
केवल सुबह शाम खुलने वाली राशन दुकानों को पूरे दिन तक खोलने की मंशा से ही विभाग के आयुक्त ने अब दुकानदारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से भिन्न उपभोक्ता वस्तुओं जैसे कि तेल-साबुन व परचून की सामग्री आदि का विक्रय करने की छूट दे दी है।
आयुक्त ने सभी जिलों के कलेक्टरों से पंजीकृत उपभोक्ता संघ या फिर सामग्री निर्माता कंपनियों से संपर्क कर उक्त सामग्री राशन दुकानों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को कहा है। साथ में यह भी निर्देश दिए हैं कि तेल-साबुन व अन्य सामग्री खरीदने के लिए उपभोक्ता को बाध्य न किया जाए व इसकी भाव सूची अलग से प्रदर्शित की जाए।
खाद्य विभाग के उप सचिव के अनुसार भारत सरकार का पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भविष्य में नीले केरोसिन के वितरण को केवल बीपीएल परिवारों तक सीमित रखने की तैयारी कर रहा है। इस स्थिति में आम उपभोक्ता को केवल सफेद केरोसिन ही खुले बाजार में मिलेगा।
सफेद केरोसिन की उपलब्धता सभी को आसानी से हो सके, इसके लिए सभी जिलों को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने निर्देश दिया है कि वे सफेद केरोसिन वितरण का लाइसेंस देने के लिए आवेदन प्राप्त करें। लाइसेंस केवल उन्हीं को दिए जाएं जिनके पास भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था हो। विभाग ने वर्तमान में नीले केरोसिन के वितरण में लगे फुटकर विक्रेता व हॉकर्स को प्राथमिकता देने को कहा है।