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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. देर रात यहां से सिर्फ दो सिली हुई वर्दी व कुछ मीटर हरा कपड़ा मिलने की जानकारी है। यहां तीन दर्जियों को हिरासत में लिया गया है। एडिशनल एसपी (ग्रामीण) धर्मेद्र गर्ग उनसे पूछताछ कर रहे हैं।
पुलिस को मुखबिर से तखतपुर के देवांगनपारा में भी हरे रंग की कुछ वर्दियां सिले जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद एडिशनल एसपी श्री गर्ग ने तखतपुर पुलिस को साथ लेकर देवांगनपारा पहुंचे और वहां रहने वाले संतोष देवांगन, ज्ञान देवांगन और अमूर देवांगन के घर छापा मारा। इन तीनों के घर लगे हुए हैं और तीनों ही घर में कपड़े सिलते हैं।
अभी तक मिली सूचना के अनुसार इनके घर से तीन हरी वर्दियां और कुछ मीटर हरा कपड़ा मिला है। पुलिस को संदेह है कि ये वर्दियां भी नक्सलियों के लिए सिली जा रही थी। तीनों को हिरासत में ले लिया गया है। इनसे थाने में पूछताछ जारी है। उधर नरेश बाजार से नक्सली वर्दी व कई मीटर वर्दी का कपड़ा मिलने के बाद पुलिस बाजार संचालक के नक्सलियों से संपर्क का पता लगा रही है। सूत्रों के अनुसार रायपुर पुलिस और खुफिया विभाग ने अपने कुछ जवान सादी वर्दी में नरेश बाजार के आसपास तैनात कर दिए हैं।
ये लोग यहां आने-जाने वालों पर नजर रख रहे हैं। तेलीपारा व नरेश बाजा के आस-पास के व्यवसायियों से पूछताछ में पता चला है कि कई बार यहां कुछ लोगों के आने के बाद दूसरे ग्राहकों को सामान जमाने के नाम पर बाहर निकाला जाता था। इसके साथ ही लगभग रोज ही देर रात तक शटर आधा गिराकर अंदर काम किया जाता था। पुलिस नरेश बाजार के संचालकों और उससे जुड़े लोगों के काल डिटेल की छानबीन कर रही है।
इन फोन काल में से आंध्र प्रदेश कुछ नंबर पर अक्सर बातचीत होने की जानकारी मिली है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्दी सिलने का आर्डर उन्हें आंध्र प्रदेश से मिला होगा। उधर दोनों भाइयों से रायपुर पुलिस पूछताछ कर रही है। शनिवार को रायपुर व राजनांदगांव पुलिस की टीम ने पहले कंस्ट्रक्शन कालोनी निवासी एन मुरली के घर पर दबिश दी थी। उनके घर पर ही सांई च्वाइस नामक टेलरिंग दुकान चलाई जा रही थी।
नरेश बाजार से लाए गए कपड़े से नक्सली वर्दियों को यहीं सिला जाता था। श्री मुरली रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत हैं। लगभग 15 वर्ष पहले वे सपरिवार जगन्नाथ मंदिर के पीछे स्थित एक रेलवे क्वार्टर में रहते थे। उस समय उनके पिता रेलवे में कार्यरत थे। उन्हें पैरालिसिस होने की वजह से मुरली की टीटीई के पद पर अनुकंपा नियुक्ति हुई है।
उनके पड़ोसियों से किसी संदिग्ध के आने-जाने या उनकी किसी असामान्य गतिविधियों के संबंध में पूछताछ करने पर कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली। अलबत्ता यह पता चला कि नरेश बाजार से विभिन्न स्कूल-कालेजों और दूसरे प्रतिष्ठानों के लिए थोक में सिलाए जाने वाले कपड़े इसी टेलर के यहां भेजे जाते थे। यहां पर कई कारीगर रखे गए हैं, जो आर्डर मिलने पर थोक में इस प्रकार के ड्रेस की सिलाई करते हैं। उधर पुलिस के छापे के बाद क्वार्टर पर से सांई च्वाइस टेलर्स का बोर्ड निकाल दिया गया है। पुलिस ने टीटीई राव व उसके परिवार के लोगों की पड़ताल शुरू कर दी है।