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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. शहर के चर्चित गणोश पोद्दार हत्याकांड के एक आरोपी मोहसिन उमर (25) को पुलिस ने आज स्टेशन पर दबोच लिया। मुंबई निवासी मोहसिन के मुंबई से ट्रेन से यहां पहुंचने की सूचना वहां की क्राइम ब्रांच ने दी थी।
मोहसिन भी इंजीनियरिंग छात्रों की उस गैंग का सदस्य है जिसने गणोश से पैसा वसूलने का ठेका लिया था। इस मामले में मास्टरमाइंड सिपाही रामकृष्ण साकार के साथ शिवशंकर सोनकर और इंजीनियरिंग छात्र प्रशांत सिंह शामिल पहले ही धरे जा चुके हैं। इंजीनियरिंग छात्र सौरभ तिवारी, विनय राजपूत और विवेक राय के साथ मोहसिन की तलाश की जा रही थी।
गौरतलब है, रामकृष्ण ने ही पूरी साजिश रची। उसे गणोश पोद्दार से रुपए लेने थे। पैसा नहीं मिलने पर उसने सौरभ और प्रशांत की गैंग से संपर्क किया और पैसा वसूलने के लिए उनसे सौदा किया। पिछले साल 7 फरवरी की रात आरोपियों ने तेलीबांधा इलाके में गणोश को घेरा और पैसा वसूलने की कोशिश में उनकी हत्या कर दी। उस दौरान उनकी पत्नी भी साथ थी।
बताते हैं, हत्या के बाद मोहसिन मुंबई भाग निकला था। उसके बाबत मुंबई क्राइम ब्रांच को जानकारी दी गई थी। पुलिस का कहना है कि वहीं से सूचना आई कि वह ट्रेन से रायपुर आ रहा है। उसी आधार पर एडिशनल एसपी क्राइम आजातशत्रु बहादूर सिंह ने सुबह फोर्स के साथ स्टेशन पर घेराबंदी की। आरोपी जैसे ही प्लेटफार्म पर उतरा, पुलिस ने उसे पहचानकर गिरफ्तार कर लिया। मोहसिन को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हत्या के दौरान वह भी मौके पर मौजूद था। दरअसल मुंबई से वह रायपुर व्यापार के नाम से आया था। वह तौल-कांटे का फुटकर व्यापारी था । बाद में वह हीरों की हेराफेरी में लग गया। उसी दौरान उसकी दोस्ती इंजीनियरिंग छात्रों की गैंग से हुई। गैंग में सौरभ, प्रशांत, विनय और विवेक से वह रूबरू हुआ। फिर सभी एकसाथ छोटे-मोटे क्राइम करने लगे। पोद्दार की हत्या में भी वह साथ रहा।बाकी आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। मुंबई समेत कई शहरों को उनकी सूचना भेजी गई है। अभी तक सौरभ और उसके बाकी साथियों का पता नहीं चल पाया है।