अजमेर. जलदाय महकमे ने गर्मी के मौसम में अजमेर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पानी के इंतजाम के लिए 5 करोड़ 72 लाख रुपए की योजना बनाई है। शहरी क्षेत्र में पेयजल प्रबंध के लिए 2 करोड़ 60 लाख 80 हजार और ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था पर 3 करोड़ 11 लाख 80 हजार रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता एसपी जैन ने बताया कि अजमेर, किशनगढ़, केकड़ी, ब्यावर और बिजयनगर में 1 करोड़ 22 लाख की लागत से 245 हैंडपंप, 17 लाख रुपए की लागत से जल परिवहन और 1 करोड़ 21 लाख 30 हजार रुपये की लागत से पाइप लाइन बिछाने और कुओं की सफाई आदि कार्य करना प्रस्तावित है।
जैन के अनुसार पीसांगन, श्रीनगर, सिलोरा, केकड़ी, जवाजा, मसूदा और भिनाय पंचायत समितियों में 415 हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव है। पीसांगन में 2 और सिलोरा में 4 ट्यूबवेल लगाए जाने प्रस्तावित हैं। जिले के ऐसे गांव जो अभावग्रस्त नहीं है वहां पर 35 लाख रुपए की लागत से जल परिवहन किया जाएगा। गांवों में पंपसेट, कुएं गहरे करने और पाइप लाइन निर्माण पर 39 लाख 30 हजार रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
जैन ने बताया कि सरकार ने प्रस्ताव पर सहमति देते हुए आवश्यकतानुसार प्राथमिकता से कार्य कराने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य अभियंता का वित्तीय मंजूरी का अधिकार बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है, इसलिए कार्य की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलने में दिक्कत नहीं होगी।
पेयजल परिवहन व्यवस्था अप्रैल से
जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पेयजल किल्लत दूर करने के लिए जिला प्रशासन और जलदाय विभाग अप्रैल से पेयजल परिवहन की व्यवस्था करेंगे। एडीएम द्वितीय लालाराम गुगरवाल ने बताया कि 699 गांवों में अकाल राहत योजना के तहत पेयजल परिवहन किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया की कवायद शुरू कर दी गई है। जो गांव अभावग्रस्त नहीं हैं, वहां पेयजल परिवहन की व्यवस्था जलदाय महकमा करेगा। अधीक्षण अभियन्ता अनिल भार्गव ने बताया कि जिले के 376 गांवों और अजमेर, पुष्कर, नसीराबाद, केकड़ी, सरवाड़, किशनगढ़ और ब्यावर में पेयजल परिवहन की व्यवस्था की जाएगी।