News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. रेलवे स्टेशन पर आने वाले हर रोज 50 हजार मुसाफिरों की भीड़ के मुकाबले 10 फीसदी लोग भी प्लेटफार्म टिकटें नहीं खरीद रहे हैं। रेलवे कर्मियों के मुताबिक रोजाना करीब 10 हजार लोग स्टेशन पर अपने रिश्तेदारों को सीआफ करने या लेने पहुंच रहे हैं।
जांच नहीं होती, इसलिए कोई भी टिकट लेकर प्लेटफार्म में दाखिल होना पसंद नहीं करता। कई बार अनचाहे विवाद की वजह से सुरक्षाबलों ने भी प्लेटफार्म टिकट की पूछताछ बंद कर दी है। संभवत: रायपुर देश के उन गिने-चुने स्टेशनों में से एक है, जहां प्लेटफार्म टिकट के लिए पूछताछ नहीं के बराबर हो रही है।
रेलवे अफसरों ने बताया कि स्टेशन पर बेटिकट पकड़े जाने वाले यात्रियों से प्लेटफार्म टिकट के एवज में 250 रुपए से 1000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। प्लेटफार्म पर कोई ट्रेन आ जाए, और उसके बाद कोई व्यक्ति बिना टिकट पकड़ा जाए तो उससे ट्रेन के स्टार्टिग पाइंट तक का टिकट वसूले जाने की व्यवस्था है। कड़े नियमों के बावजूद रेलवे का अमला विवाद से बचने लगा है। अगर जांच में पता चल जाए कि बेटिकट पकड़ा गया व्यक्ति शहर का है, तो उसे खानापूर्ति कर छोड़ा जाने लगा है।
क्यों नहीं होती कार्रवाई
प्लेटफार्म टिकटों की कम बिक्री को लेकर जब स्टेशन अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने कई तरह के तर्क दिए। टीसियों ने बताया कि टिकट पूछा जाता है, लेकिन लोग बहाना कर टाल देते हैं।
रायपुर राजधानी है, इसलिए हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी प्रभावशाली व्यक्ति से संबंधों का जिक्र करने लगा है। कुछ रेलकर्मियों का कहना है कि आरपीएफ और जीआरपी की गैरमौजूदगी भी इसके लिए जिम्मेदार है। चेकिंग के दौरान अक्सर जवान मौके पर मौजूद नहीं रहते, इसलिए वे भी पूछताछ नहीं कर पाते।
मुसाफिरों की परेशानी
मुसाफिरों का कहना है कि प्लेटफार्म टिकट खरीदना रेलवे ने इतना मुश्किल बना दिया है कि कोई यह झंझट मोल नहीं लेना चाहता। काउंटर इतने सुविधाजनक नहीं हैं कि हड़बड़ी में टिकट खरीदा जाए। एमएससी छात्र वल्लभ जानकी ने बताया कि स्टेशन पर टिकट खरीदने के लिए अलग से कोई काउंटर नहीं है। ि
टकट इंक्वायरी काउंटर और बुकिंग काउंटर पर मिले-जुले तरीके से बांटी जाती है। इससे यहां लंबी-चौड़ी लाइन लगी रहती है। एक और युवक अभिषेक चौबे ने कहा कि प्लेटफार्म टिकट मिलना आसान होता, तो शायद ज्यादा लोग इसे खरीदते, क्योंकि रेट ज्यादा नहीं हैं।