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गोत्र विवाद: परिवार को सुरक्षा के आदेश

चंडीगढ़.गोत्र में शादी करने पर उठे विवाद और जान से मारने की धमकियों पर सोमवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और सोनीपत के जिला पुलिस प्रमुख को विवाहिता और उसके परिवार वालों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के निर्देश दिए हैं।

यह निर्देश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विजेंद्र जैन और न्यायाधीश कंवलजीत सिंह की खंडपीठ ने विवाहिता अंशुल वासी गांव बोहाला जिला सोनीपत द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिए। गौरतलब है कि अंशुल का विवाह राकेश कुमार राठी वासी धनाना, तहसील गोहाना जिला सोनीपत के साथ हुआ था। खाप पंचायत ने लड़की के पिता को रिश्ता तोड़ने के लिए कहा था।

ऐसा न करने पर सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी गई थी। अंशुल ने अपनी याचिका में कहा कि उसका विवाह नवंबर, 2007 में गौत्र चैक करने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। वह जाट बिरादरी के ढल्ल गौत्र से संबंधित है। धनाना गांव में उसके पति से संबंधी 5-10 परिवार ढल्ल गौत्र से संबंधित हैं। यही मामला खाप पंचायत में विवाद का कारण बना।

याची ने कहा कि खाप पंचायत का 2 दिसंबर, 07 को लिया गया सामाजिक बहिष्कार का फैसला गलत है। याची ने सुरक्षा के साथ-साथ उन लोगों पर भी मामला दर्ज करने को कहा, जो ‘फतवा’ जारी करने के जिम्मेदार थे। याची ने खाप पंचायत के फैसले को जूडिशरी के समानांतर बताया और कहा कि इस संबंध में एक कानूनी नोटिस के तहत 10 दिसंबर,07 को जिला अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया था, जिसमें आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता ने कहा कि पंचायत द्वारा जारी फतवा सीधे तौर पर उनके वैवाहिक जीवन में दखल है। उसने अदालत से मांग की कि जब तक पुलिस इस मामले पर पूरी तरह काबू न पाए, वह राज्य सरकार को विशेष निर्देश दे कि वह खाप पंचायत के फैसले पर रोक लगाए।





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