लंदन.ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की 185 साल पुरानी यूनियन के नव निर्वाचित प्रेजिडेंट कृष्ण ओंकार को पद के अयोग्य करार दिया गया है। नई दिल्ली के रहने वाले 23 वर्षीय पीएचडी के स्टूडेंट ओंकार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी कालरेट क्रिस्टोफर के खिलाफ प्रचार अभियान के दौरान यूनियन के कठोर नियमों को तोड़ा है।
ऑक्सफोर्ड यूनियन अत्यंत प्रतिष्ठित संस्था है और इसके प्रेजिडेंट काफी नामी लोग रह चुके हैं। इनमें एक नाम पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो का भी है।
ओंकार-फिशर की दोस्ती इसलिए टूटी
ओंकार मर्टन कॉलेज में समाजशास्त्र में रिसर्च कर रहे हैं और फिशर उनकी दोस्त रह चुकी हैं। यह दोस्ती ब्रिटिश नेशनल पार्टी के नेता निक ग्रिफेन और दक्षिणपंथी लेखक डेविड इरविंग को यूनियन में भाषण देने के लिए बुलाने के मुद्दे पर टूट गई थी। फिशर, जो यहूदी हैं, चाहती थीं कि आमंत्रितों का भाषण न हो लेकिन ओंकार का कहना था कि बोलने की स्वतंत्रता के हित में उन्हें भाषण देने की अनुमति होनी चाहिए।
फिशर ने दर्ज कराई शिकायत
ओंकार नवंबर में समर टर्म के लिए प्रेजिडेंट का चुनाव फिशर के मुकाबले जीत गए। उन्हें 959 वोट और फिशर को 658 वोट मिले।
इस पर बालीओल कॉलेज की मॉडर्न हिस्ट्री एंड पॉलिटिक्स की स्टूडेंट 21 वर्षीय फिशर ने ओंकार के खिलाफ फाउल प्ले की शिकायत दर्ज करा दी। उसका दावा है कि ओंकार ने मतदान की पूर्व संध्या पर किराए के एक कमरे में 30 लोगों की एक मीटिंग की थी जो यूनियन के नियमों के खिलाफ है।
उनका यह भी दावा है कि दिल्ली वालों ने वोटरों को लुभाने के लिए ई-मेल भी भेजे थे। इस पूरे प्रकरण पर यूनिवर्सिटी ट्रिब्यूनल द्वारा काफी लंबी सुनवाई के बाद ओंकार के खिलाफ फैसला आया।