इंदौर. चोरी की रिपोर्ट लिखने में लेतलाली की शिकायत पर पहले एक हेड कांस्टेबल को सस्पैंड कर दिया गया। इसके तुरंत बाद ही जब जांच में बात सामने आई कि फरियादी ने ऐसी कोई शिकायत ही नहीं की है तो उसे तुरंत बहाल कर दिया। नाटकीय तरीके से की गई विभागीय कार्रवाई और बहाली को लेकर अधिकारियों पर सवाल उठे हैं।
मामला शनिवार रात अग्रवालनगर निवासी पूर्व प्राचार्य डी.पी. मिश्रा के यहां हुई छह लाख की चोरी का है। परिवार शादी में गया था, इस बीच चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात की और दो घंटे में छह लाख रु. से ज्यादा के जेवरात व नकदी ले गए। फरियादी की सूचना पर पुलिस तत्काल पहुंची और तस्दीक शुरू की।
मामले में कुछ बदमाशों से पूछताछ भी गई। इस बीच सोमवार शाम सीएसपी संजयसिंह को शिकायत मिली कि उक्त मामले में रिपोर्ट लिखने में हेड कांस्टेबल लाभचंद तिवारी ने लेतलाली की जिसके चलते उसे सस्पैंड कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक फरियादी पक्ष रविवार सुबह भंवरकुआं थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचा तो कहा गया अभी टीआई साहब नहीं है इसलिए रिपोर्ट बाद में लिखी जाएगी। बाद में फिर दो बार थाने में संपर्क किया तो यही जवाब दिया कि साहब नहीं है। फरियादी ने थाने में फोन पर बात की तब भी ऐसा ही जवाब मिला। दोपहर बाद रिपोर्ट लिखी गई।
फोन आने पर कर दिया सस्पैंड
सूत्रों के मुताबिक इसके बावजूद फरियादी ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत नहीं की थी लेकिन फरियादी को कई फोन उनके संबंधियों के आए और उनसे कहा हमारे लायक कोई भी काम हो तो कहना। इन्हीं में एक प्रभाशाली व्यक्ति ने उन्हें फोन किया तो पता चला कि रिपोर्ट लिखने में लेतलाली की गई।
इस पर उसने तुरंत एक अफसर को फोन लगाया और कहा कि छह लाख की चोरी हुई है.. क्या टीआई रहेगा तब ही रिपोर्ट दर्ज होगी? आप तुरंत दोषियों पर कार्रवाई कीजिए। इसके बाद तुरत-फुरत हेड कांस्टेबल को सस्पैंड किया गया। सूचना है तीन को शोकाज नोटिस भी जारी कर दिए गए। इसके तुरंत बाद हेड कांस्टेबल को फिर बहाल कर दिया गया।
ऐसा क्यों किया गया? इसके पीछे अलग-अलग चर्चा है। सूत्रों का कहना है मामले में पुलिस की कई टीमें इस चोरी की तस्दीक में लगी हैं और कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। इस संबंध में एसपी अंशुमान यादव से चर्चा की तो उन्होंने स्वीकारा कि उसे सस्पैंड कर दिया गया था लेकिन शिकायतकर्ता नहीं होने से फिर बहाल कर दया।