HomeNewsMadhya PradeshGwalior Gwalior

सीमेंट व्यापारी पुत्र का अपहरण

ग्वालियर. विश्व विद्यालय थाना क्षेत्र में बसे अनुपम नगर से सरेशाम अज्ञात लोग 9 वर्षीय बालक का अपहरण कर ले गये। अपहरण करने वाले लाल रंग की कार में सवार बताये गये हैं। अपह्रत बालक का नाम उत्कर्ष उर्फ राजा पुत्र नंद किशोर गोयल बताया गया है। वह ग्वालियर ग्लोरी स्कूल में कक्षा चार का छात्र है।

बताया जाता है कि विश्वविद्यालय मार्ग पर सीमेंट का कारोबार करने वाले एनके गोयल अनुपम नगर में रहते हैं। डायमंड सीमेंट के स्टाकिस्ट श्री गोयल का बेटा उत्कर्ष रोज की तरह शाम को घर से थोड़ी सी दूर पर दोस्तों के साथ खेलने की कहकर अपनी साइकिल लेकर निकल गया था। उसके बाद वह घर नहीं लौटा। शाम को 6.20 बजे करीब उसके अपहरण की खबर ही उसके घर पहुंची।

घटना के संबंध में जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक कालोनी के लोगों ने लाल रंग की कार में सवार होकर आये लोगों को एक बच्चे को उठाकर अपने साथ ले जाते हुए देखा है। बाद में उत्कर्ष के साथ खेल रहे बच्चों में से किसी ने इस बात की पुष्टि की कि कार में सवार लोग उत्कर्ष को उटाकर ले गये हैं और उसकी साइकिल कालोनी में ही एक जगह पर पड़ी है। बताने वालों ने कार में सवार लोगों की संख्या चार और कार का रंग लाल बताया है।

खबर मिलते ही पुलिस हुई सक्रिय

बालक के घर वालों ने उसके अपहरण की खबर मिलते ही सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने सभी थानों को अलर्ट करते हुए अपहरण करने वालों की तलाश में लगा दिया। आनन-फानन में शहर की नाकेबंदी के साथ लाल रंग की कार की तलाश शुरू कर दी गई पर खबर लिखे जाने तक कार और अपहरणकर्ताओं का कोई सुराग नहीं लग सका था।

स लाख की फिरौती मांगी : अपह्रत बालक की तलाश में पुलिस को भले ही सफलता न मिल पाई हो पर देर रात उसके परिजनों के पास अपहरणकत्र्ताओं की ओर से फिरौती की मांग पहुंचने की खबर है। अपहरणकत्र्ताओं ने दस लाख रुपए की फिरौती की मांग की है।

चैंबर ने जताई नाराजी

चैंबर आफ कामर्स के पदाधिकारियों ने सरेशाम शहर की पॉश कालोनी से व्यापारी पुत्र के अपहरण की घटना को लेकर नाराजगी जताई है। चेम्बर के संयुक्त अध्यक्ष हेमंत गुप्ता और मानसेवी सचिव विजय गोयल ने खबर मिलते ही बालक के घर पर पहुंचकर घटना पर ंिचंता जताई। पदाधिकारी द्वय ने इस घटना को शहर के उद्योग, व्यापार के लिए अहितकर बताते हुए निंदा की है।

उधर चैंबर के मानसेवी सचिव रह चुके पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल ने कहा है कि भाजपा के राज में शहर का व्यापारी और उद्योग वर्ग पूरी तरह से असुरक्षित है। निकोलस पिरामल के पीथमपुर प्लांट के प्रेसीडेंट अश्विनी भट्ट के साथ हुई अपहरण की घटना के बाद व्यापारी पुत्र के अपहरण की घटना ने यह साबित कर दिया है कि पुलिसतंत्र लोगों की सुरक्षा में नाकाम साबित हो रहा है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: