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Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुंगेली में लगाए गए आई कैंप में मोतियाबिंद का आपरेशन कराने आए एक वृद्ध की मौत हो गई। डाक्टर जहां इस हादसे का कारण आपरेशन से पहले आंख को सुन्न करने के लिए लगाए गए इंजेक्शन के असहनीय दर्द व हार्ट अटैक बता रहे हैं, वहीं जानकारों के मुताबिक वृद्ध की मौत लापरवाही से हुई है।
मोतियाबिंद का आपरेशन कराने वालों में आमतौर पर 55 वर्ष से अधिक आयु के मरीज ही होते हैं। इस दौरान मरीजों को ब्लड प्रेशर, शुगर एवं हार्ट से संबंधित बीमारियां रहती है। इन सभी बीमारियों की जांच की सुविधा बड़े अस्पतालों में होती है, लेकिन छोटे अस्पताल इससे वंचित रहते हैं।
ऐसी स्थिति में भारत सरकार के स्प्ष्ट निर्देश हैं कि जिन अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं न हों वहां इस तरह के आपरेशन न किए जाएं। सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी मुंगेली में उक्त शिविर लगाया गया, जिससे वृद्ध की मौत हो गई।
मां सर्वेश्वरी समूह संस्थान द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित नि:शुल्क नेत्र शिविर में मरीज की मौत ने सनसनी पैदा कर दी है। पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम लौदा निवासी थनवार पिता बुधराम गोंड़ (६५वर्ष) भी मोतियाबिंद का आपरेशन कराने पहुंचा था।
आपरेशन से पहले आंख को सुन्न करने के लिए थनवार को इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। थनवार की हालत बिगड़ती देख उसे सिम्स रिफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इस संबंध में डाक्टरों का कहना है कि आपरेशन से पहले आंख में लगाया जाने वाले इंजेक्शन का दर्द इतना प्रभावशाली होता है कि कुछ मरीजों को इसके चलते हार्ट अटैक तक हो सकता है। यही कारण है कि शिविर में लोरमी में पदस्थ हार्ट स्पेशलिस्ट डा.जीएस दाऊ (एमडी मेडिसिन) को रखा गया है। डाक्टरों का यह भी कहना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं की जा सकती।
इनके अलावा करीब छह डाक्टर एवं 25 नर्सों की टीम है, जो 26 जनवरी से मरीजों का आपरेशन कर रहे हैं। यह शिविर 31 जनवरी तक चलेगा।क्यों नहीं की गई कार्डिया केयर यूनिट की व्यवस्था? कार्डिया केयर यूनिट हार्ट से संबंधित बीमारी के लिए अत्यंत उपयोगी होता है।
डाक्टरों को यह बात पहले से पता थी कि आंख को सुन्न करने लगाया जाने वाला इंजेक्शन हार्ट संबंधी परेशानी पैदा कर सकता है। इसके बाद भी कार्डिया केयर यूनिट की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। शिविर में यदि उक्त मशीन लगाई गई होती तो शायद वृद्ध की जान बच सकती थी।