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पुलिस ने किशोर को गोली से उड़ाया

धौलपुर. पुलिस ने किशोर को गोली से उड़ाया जिले के बसईडांग क्षेत्र के गंगोली गांव में चोरी के मवेशी पकड़ने आई मध्यप्रदेश की पुलिस ने विरोध करने पर ग्रामीणों पर गोलियां चला दीं, जिससे 15 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीण शव को कलेक्ट्रेट ले गए और गेट पर रखकर प्रदर्शन किया। अधिकारियों की समझाइश पर लगभग तीन घंटे बाद वे शव ले जाने को तैयार हुए। इस घटना में 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इनमें दो की हालत नाजुक है। पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने एक एसएलआर छीन ली और एक बंदूक तोड़ दी। एक पुलिसकर्मी भी लापता है। मृतक के पिता ने धौलपुर और मुरैना पुलिस अधिकारियों के खिलाफ यहां थाना कोतवाली में मामला दर्ज कराया है।

यह था मामला : बुधवार सुबह करीब 6 बजे 15 गाड़ियों में पहुंची धौलपुर और मध्यप्रदेश के मुरैना की पुलिस ने गंगोली गांव को घेर लिया। मुरैना पुलिस गांव से बरामद भैंसों व बकरियों को भरकर ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने पथराव किया और लाठी-फरसों से हमला बोल दिया। पुलिस ने फायरिंग की, जिससे एक गोली १५ वर्षीय हरिओम पुत्र शिवचरण गुर्जर की आंख में लगी। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उसके भाई 20 वर्षीय सरनाम के पैर को भी छूती हुई एक गोली निकली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस गांव से हल्के पुत्र घंसू गुर्जर को उसकी लाइसेंसी बंदूक के साथ पकड़कर ले गई है। इसके अलावा दो गाड़ियों में करीब तीस भैंसें और कई बकरियां भी ले गई है।

कलेक्ट्रेट पर शव रख प्रदर्शन
ग्रामीण मृतक के शव को निजी गाड़ी में धौलपुर सामान्य चिकित्सालय ले आए। यहां इस मामले में कई घंटे बाद भी पुलिस प्रशासन के रुचि नहीं लेने पर गुस्साए ग्रामीण शव कलेक्ट्रेट ले गए और उसे मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। इससे कलेक्ट्रेट तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हड़कंप मच गया। उप पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा, शहर के तीनों थाना प्रभारी और पुलिस लाइन का जाब्ता मौके पर पहुंच गया। आरएसी के जवान भी बुला लिए गए। लगभग तीन घंटे तक किशोर का शव कलेक्ट्रेट के गेट पर रखा रहा। इसी बीच कलेक्टर आशुतोष एटी पेडणोकर तथा पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह की गुर्जर समाज के नेता जसवंतसिंह से बातचीत हुई। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद ग्रामीण शव ले गए।

घायल पुलिसकर्मी
मुरैना पुलिस के अनुसार हैडकांस्टेबल वासुदेव शर्मा व रामदत्त सिंह की हालत गंभीर है। घायल सब इंस्पेक्टर श्याम शर्मा, एमएस मौर्य, संतोष मिश्रा, हैंडकांस्टेबल जगदीश प्रसाद, कांस्टेबल कौशलेंद्र सिंह, मुरारी, सुमेरसिंह, विशम्भर सिंह का मुरैना के जिला चिकित्सालय में मेडिकल कराया गया है। ग्रामीणों ने कौशलेंद्र से उसकी एसएलआर व मैग्जीन छीन ली है तथा मुरारी की बंदूक तोड़ दी है।

* घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक धौलपुर तथा मुरैना से रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की जांच चल रही है।
- आशुतोष एटी पेडणोकर, जिला कलेक्टर कई पुलिसकर्मी नामजद
शिवचरण ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मुरैना पुलिस के सीआई रणधीर सिंह रुरल, बामौर के एसडीओपी राजेश शर्मा, मुरैना सिविल लाइंस के सीआई डीएस परिहार सहित करीब 150 पुलिसकर्मी 15-20 गाड़ियों भरकर गांव में आए। ये हमारे मवेशियों को गाड़ियों में भरने लगे। गांव वालों ने विरोध किया, तो सीआई रणधीर सिंह के कहने पर पुलिसकर्मियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। एक गोली से मेरे पुत्र हरिओम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़े पुत्र सरनाम के बाएं पैर में भी गोली लगी है। मप्र पुलिस के साथ सीओ बाड़ी तथा बसईडांग के एसएचओ भी थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस उसकी ३क् भैंस व 40 बकरियां भी ले गई।

10 लाख के मुआवजे व नौकरी की मांग
गुर्जर समाज ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मृतक के परिजनों को १क् लाख रुपए मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ले जाए गए पशुओं को छोड़ने, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश पुलिस को जिले में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं करने देने की मांगें की गई हैं। समझौता वार्ता में कलेक्टर ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए की राशि देने और गुर्जर समाज की अन्य मांगों पर भी विचार का आश्वासन दिया गया।





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