जालंधर पंजाब टैक्नीकल यूनिवर्सिटी (पीटीयू) अपने डिस्टैंस एजुकेशन स्टूडैंट्स के लिए कंप्यूटर बेस्ड ट्यूटोरियल सिस्टम (सीबीटी) शुरू करने जा रही है। इस सिस्टम से जहां लर्निग सैंटर्स के स्टूडैंट्स को लाभ मिलेगा, वहीं टीचर्स की परेशानियां व क्वैरीज का निवारण भी होगा।
इसके शुरू होने से पीटीयू पहली ऐसी यूनिवर्सिटी बनेगी जो डिस्टैंस एजुकेशन में सीबीटी शुरू करेगी। हालांकि अभी सीबीटी प्राथमिक स्तर पर है, लेकिन इसे लेकर यूनिवर्सिटी प्रबंधन बेहद उत्साहित है।
पीटीयू की डिस्टैंस एजुकेशन के स्टूडैंट्स को अकसर शिकायत रहती थी कि लर्निग सैंटर्स के टीचर्स उन्हें सही टीच नहीं कर पाते हैं। साथ ही डिस्टैंस एजुकेशन की बुक्स की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी रहती थी। अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि सीबीटी के तहत तैयार सीडीज प्राथमिक स्तर पर सभी लर्निग सैंटर्स को उपलब्ध करवाई जाएंगी तथा सैकेंड फेज में इन्हें हर स्टूडैंट को फ्री डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा।
ये है सीबीटी
डीन डिस्टैंस एजुकेशन डॉ. आरपी सिंह के नेतृत्व में तैयार इस प्रोजैक्ट आइडिया पर डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. आरपीएस बेदी ने काम किया है। इसे मल्टीमीडिया की सहायता से तैयार किया गया है। पीटीयू के डिस्टैंस एजुकेशन के सभी कोर्सेस का सिलेबस एक सीडी में तैयार है, यानि हर क्लास के हर सिलेबस व सब्जैक्ट की हर किताब कंप्यूटर पर खुलेगी।
इसमें स्टूडैंट्स को एवैल्यूएशन का अवसर भी मिलेगा। हर चैप्टर के अंत में एक्सरसाइज दी गई है। साथ ही सिलेबस को समझाने के लिए वॉयस ओवर दिया गया है। यानि कंप्यूटर पर ही टीचर लैसन को उदाहरण के साथ पढ़ाएंगे।
लर्निग सैंटर्स ने मिलकर किया खर्च
इस प्रोजैक्ट का आइडिया चाहे पीटीयू प्रबंधन का है, मगर इसके तैयार होने का पूरा खर्च लर्निग सैंटर्स कर रहे हैं। प्राथमिक स्तर पर इन सीडीज को हासिल कर रीजनल सैंटर्स इसमें अपनी फीडबैक व डिवैलपमैंट के लिए आइडियाज देंगे, जिससे प्रोजैक्ट को हर स्टूडैंट्स को देने से पहले यूनिवर्सिटी अपडेट करेगी।
स्टूडैंट्स को फायदा
सीबीटी का सबसे अधिक लाभ डिस्टैंस एजुकेशन रूरल लर्निग सैंटर्स में पढ़ रहे स्टूडैंट्स को होगा। डीआरडीए के अंडर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे स्टूडैंट्स को बेहतर टीचर व कम्युनिकेशन स्किल डिवैलप करवाने वाली फैकिल्टी की समस्या आती है। इस सीडी से उन्हें बेहतर टीचर व कम्युनिकेशन स्किल डिवैलपमैंट के टिप्स भी मिल पाएंगे। इस सीडी को स्टूडैंट्स अपने पर्सनल कंप्यूटर की मदद से घर पर पढ़, देख व सुन पाएंगे।
वर्ष 2008 क्वालिटी एजुकेशन के नाम रखा गया है। इस साल हम क्वालिटी एजुकेशन के लिए जहां सीबीटी जैसे नए प्रोजैक्ट्स लाएंगे, वहीं अपने पुराने व बेहतर प्रोजैक्ट्स को मैंटेन रखने पर भी काम करेंगे।
- डॉ. एसके सलवान, वाइस चांसलर पीटीयू