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देश की पहली ‘ब्रेल लिपि कुरान’ माउंट आबू में

जोधपुर. देश की पहली ‘ब्रेल लिपि कुरान’ माउंट आबू में नेत्रहीन ब्रेललिपी से अब गीता व बाइबल की तरह कुरान भी पढ़ सकेंगे। ब्रेल लिपि में देश की पहली कुरान माउंट आबू में फरवरी के प्रथम सप्ताह प्रकाशित होने वाली है। विशेष तरह के सॉफ्टवेयर व प्रिंटर से ब्रेल लिपि में कुरान का अनुवाद कर लिया गया है। अभी उसे पाकिस्तान में ब्रेल लिपि के जानकार मौलवी को भेजा गया ताकि उसमें किसी तरह की गलती नहीं रह जाए ।

माउंट आबू स्थित एनएबीपी एंड एन. मेरवानजी अंधजन पुनर्वास केंद्र में पढ़ने वाला एक छात्र शानू कुरान ब्रेल लिपि में नहीं होने की वजह से धार्मिक शिक्षा ग्रहण अजमेर चला गया था। इस पर संस्था के सचिव प्रोफेसर अरुण कुमार शर्मा ने ब्रेल लिपि में कुरान के बारे में पता लगाया। उसे मालूम हुआ कि भारत में कुरान ब्रेल लिपि में नहीं है, इसलिए नेत्रहीन कुरान नहीं पढ़ सकते हैं। इस पर उन्होंने इसके बारे में सारी जानकारी हासिल कर कुरान का ब्रेल लिपि में प्रकाशन करने का फैसला लिया।

दिल्ली से मिला सॉफ्टवेयर : इसके लिए दिल्ली के डा.अरुणी जैन ने ब्रेल लिपि वाला विशेष सॉफ्टवेयर दिलवाया। साथ ही पावापुरी तीर्थ के ट्रस्टी केपी संघवी ने पांच लाख रुपए कीमत का टेक्स्ट से ब्रेल में प्रिंट करने वाला प्रिंटर उपलब्ध करवाया। डा.अरुण शर्मा ने बताया कि भारत में नेत्रहीन ब्रेल में गीता व बाइबल तो पढ़ सकते हैं, कुरान ब्रेल में उपलब्ध नहीं है। इस वजह से ब्रेल लिपि में कुरान प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया। सॉफ्टवेयर व प्रिंटर की मदद से छह महीने पूर्व कुरान का टेक्स्ट से ब्रेल में अनुवाद कर लिया गया। इस अनुवाद की विश्वसनीयता के लिए ब्रेल में तैयार कुरान की सीडी डा.अरुणी जैन के माध्यम से पाकिस्तान में ब्रेल लिपि के जानकार को भेजी गई। पौराणिक कथाओं के अनुसार माउंट आबू में ऋषि वशिष्ठ ने राम व लक्ष्मण को शिक्षा दी थी। अब ब्रेल में कुरान का प्रकाशन होने से माउंट आबू का नाम धार्मिक शिक्षा क्षेत्र में उभरेगा।

तीन हजार कापियों का प्रकाशन
संस्था के प्राचार्य विमल कुमार डिंगला ने बताया कि अनुवाद में गलतियां निकालने के बाद अब ब्रेल में तैयार कुरान पाकिस्तान से वापस माउंट आबू आने वाली है। फरवरी के प्रथम सप्ताह में देश की पहली ब्रेल में कुरान प्रकाशित कर दी जाएगी। पहले चरण में इसकी तीन हजार कापियां प्रकाशित की जाएगी।

ढाई हजार नेत्रहीन पढ़ेंगे कुरान
नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि में कुरान अभी तक सिर्फ पाकिस्तान व सऊदी अरब में उपलब्ध है। भारत में बीस लाख मुस्लिम नेत्रहीन हैं, जिनमें से करीब ढाई हजार ब्रेल लिपि के जानकार हैं। कुरान का ब्रेल में प्रकाशन होने पर इस लिपी के जानकार नेत्रहीन आसानी से कुरान की आयतें पढ़ सकेंगे।





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