नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा भाजपा सीडी कांड की सीबीआई जांच के आदेश देने के बाद गुरुवार को भाजपा ने माया पर उल्टा प्रहार किया तो कांग्रेस ने कहा कि बसपा सरकार भाजपा के नेताओं को बचाने की कोशिश में है।
मामला है उप्र में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के पहले सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील कथित सीडी जारी किए जाने का जो भाजपा ने जारी की थी और इस मामले में की गई एफआईआर में भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता लालजी टंडन समेत छह अन्य नेताओं का नाम शामिल है। इस सीडी की सीबीआई जांच के आदेश बुधवार को मायावती ने दे दिए हैं।
माया की संपत्ति देखो : भाजपा
इस कथित सीडी की सीबीआई जांच के आदेश से खफा भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि सीबीआई को मायावती की संपत्ति की ईमानदारी से जाचं करना चाहिए। प्रसाद ने यह भी कहा कि सीबीआई को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष के बुधवार के बयान को दोहराते हुए प्रसाद ने कहा कि पिछले साल चुनाव अभियान की इस सीडी की रिलीज के समय राजनाथ वहां मौजूद ही नहीं थे और उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। प्रसाद ने यह भी स्पष्ट किया कि जब चुनाव आयोग मान चुका है कि सीडी का हमसे कोई लेना-देना नहीं है तो इस जांच का क्या मतलब है।
सीबीआई जांच क्यों : कांग्रेस
इस मामले में टांग अड़ाते हुए कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब पुलिस की जांच के दौरान आरोप साबित हो चुके हैं तो एक केस दर्ज कर जरूरी कार्रवाई की जाना चाहिए। अब इस केस को सीबीआई को सौंप देने का मतलब तो यह है कि माया सरकार इस मामले में जुड़े भाजपा नेताओं को कुछ राहत देने के मूड में है।
दिग्गी ने कहा कि सरकार को जरूरी कदम, जैसे नोटिस जारी करना चाहिए और अगर यह मामला इतना गंभीर है कि सीबीआई को ही सौंपा जाना है तो उस वक्त बिना देर किए यह कदम क्यों नहीं उठाया गया।