नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का फैसला सोमवार तक टल गया है। अब यह फैसला कैबिनेट की बैठक में किया जाएगा। उससे पहले मंत्रियों का समूह एक बैठक करके कैबिनेट को सुझाव भेजेगा।पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने सात सदस्यीय मंत्रियों के समूह (जीओएम) की बैठक के बाद बताया कि चार सदस्यों ने गुरुवार को बैठक की थी और इस मसले पर चर्चा भी हुई है, लेकिन अंतिम फैसला कैबिनेट की बैठक में किया जाएगा। अगले सप्ताह 4 या 5 फरवरी को कैबिनेट की बैठक हो सकती है।
देवड़ा ने कहा कि वह यह कहने की स्थिति में नहीं हैं कि जीओएम ने कोई सिफारिश तैयार कर ली हैं और कैबिनेट को भेजी जा रही हैं। कैबिनेट की बैठक से ठीक पहले जीओएम की बैठक फिर हो सकती है।
गुरुवार की बैठक में देवड़ा और प्रणब मुखर्जी के अलावा कृषि मंत्री शरद पवार और वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी थे। बताया जाता है कि बैठक में एलपीजी की कीमतें बढ़ाने का विचार त्याग दिया गया है। वित्त मंत्री से उत्पाद शुल्क में कटौती के लिए कहा गया है।
वित्त मंत्री से कहा गया है कि सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में इतनी कटौती की जाए कि कीमतों में वृद्धि कम से कम करनी पड़े। देवड़ा ने कहा कि वित्त मंत्रालय काफी सहयोग कर रहा है। फिर भी यह नहीं कहा जा सकता कि चिदंबरम शुल्कों में कटौती के लिए तैयार हो गए हैं।