लंदन. दफ्तर और घर के बीच संतुलन बनाए रखने के चक्कर में कामकाजी महिलाएं तनाव की शिकार हो रही हैं। इस तनाव के चलते उनमें खानपान से जुड़ी एक नई बीमारी ‘स्ट्रेसोरेक्सिया’ तेजी से उभरकर सामने आ रही है।
ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि आमतौर पर यह बीमारी उन कामकाजी महिलाओं को अधिक होती है, जिनकी उम्र 25 से 45 वर्ष के बीच हो। शोधकर्ताओं ने ‘स्ट्रेसोरेक्सिया’ को अवसाद, बेचैनी और एनोरेक्सिया का नतीजा बताया है। अवसाद के दौरान दिमाग कोर्टिकोट्रोपिन नामक हारमोन बनाता ह। इससे भूख कम हो जाती है और एड्रेनेलिन नामक हारमोन के बनने से शरीर तेजी से कैलोरी बर्न करना शुरु कर देता है।